सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Government tell action plan the districts to stop increasing nuisance caused by monkeys.

High Court : सरकार बताए- बंदरों के बढ़ते उत्पात को रोकने के लिए जिलों में क्या कार्ययोजना है

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 26 Feb 2026 12:03 PM IST
विज्ञापन
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रीसस मकाक (लाल बंदर) के बढ़ते उत्पात को रोकने के लिए राज्य सरकार से कार्ययोजना मांगी है। कहा है कि अगली सुनवाई पर छह अप्रैल तक गाजियाबाद और मथुरा में की गई कार्रवाई का शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट दें।

High Court Government tell action plan the districts to stop increasing nuisance caused by monkeys.
बंदर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रीसस मकाक (लाल बंदर) के बढ़ते उत्पात को रोकने के लिए राज्य सरकार से कार्ययोजना मांगी है। कहा है कि अगली सुनवाई पर छह अप्रैल तक गाजियाबाद और मथुरा में की गई कार्रवाई का शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट दें। साथ ही इनके उत्पात को नियंत्रित करने के लिए जिलों में अपनाए गए उपायों की भी जानकारी दें।

Trending Videos

यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी, न्यायमूर्ति कुनाल रवि सिंह की खंडपीठ ने विनीत शर्मा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि प्रदेश में रीसस मकाक की वास्तविक संख्या, उनके हॉटस्पॉट क्षेत्रों और मानव-बंदर संघर्ष की प्रकृति को समझने के लिए व्यवस्थित फील्ड सर्वे आवश्यक है।

विज्ञापन
विज्ञापन


समग्र कार्ययोजना तैयार करने में कम से कम एक साल का वक्त लगेगा। तब तक बंदरों की पकड़, परिवहन और पुनर्वास से संबंधित वर्तमान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक हाई पावर कमेटी भी गठित की जा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अध्ययन से पहले यह स्पष्ट किया जाए कि मौजूदा एसओपी के तहत जिला स्तरीय समितियों ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed