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Holi : आज रात ही होलिका दहन, तिथि का संशय समाप्त, ज्योतिषाचार्यों ने बताई रंगोत्सव की तिथि,

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 02 Mar 2026 01:53 PM IST
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सार

होली की तिथि को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनीथी। फाल्गुन पूर्णिमा, भद्राकाल और तीन मार्च को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर ज्योतिषाचार्यों ने तिथियां और समय बताया है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है।

Holika Dahan tonight confusion regarding date is over, astrologers have told date of festival
holika dahan - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

होली की तिथि को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनीथी। फाल्गुन पूर्णिमा, भद्राकाल और तीन मार्च को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर ज्योतिषाचार्यों ने तिथियां और समय बताया है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है।

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ज्योतिषाचार्य पं. पवन शास्त्री के अनुसार भद्रा समाप्त होने के बाद सोमवार की रात्रि 12:50 बजे के बाद होलिका दहन शुभ होगा जबकि रंगोत्सव तीन मार्च को शाम को 6:47 बजे के बाद मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन में कपूर, हरी इलायची, लौंग और पान का पत्ता अर्पित कर रोगों से मुक्ति की कामना की जाती है।
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वहीं, गेंहू की बालियां अग्नि में डालने से घर में अन्न समृद्धि बनी रहती है। श्री हरिराम गोपाल कृष्ण सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय के पं. प्रताप पांडेय के अनुसार तीन मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक मंगलवार को प्रात: 6:20 बजे से मान्य होगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा और मोक्ष शाम 6:47 बजे होगा।

झलवा के पं. ज्ञान प्रकाश शास्त्री ने भी दो मार्च को रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे तक होलिका दहन को श्रेष्ठ बताया है। राजरूपपुर के पं. राम नरेश त्रिपाठी के मुताबिक दो मार्च को आधी रात से 2.02बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है। उधर शहर के चौराहों और मोहल्लों में होलिका की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। सिविल लाइंस में बीएचएस स्कूल के सामने, लूकरगंज, कर्बला, जगमल का हाता, लोक सेवा आयोग चौराहा आदि स्थानों पर शुभ मुहूर्त में होलिका जलाई जाएगी। 

बुधवार को प्रतिपदा तिथि पर होली खेलने का विधान

स्नान दान के लिए पूर्णिमा तीन मार्च मंगलवार को होगी, लेकिन चंद्र ग्रहण की वजह से होलिका से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य दिवाकर शास्त्री पूर्वांचली के मुताबिक परंपरा के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा की रंग की होली खेली जाती है। इस प्रकार चार मार्च बुधवार को होली खेली जाएगी।  

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