Prayagraj: पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर और कुछ मीडिया संस्थानों को न्यायिक आयोग ने भेजा नोटिस, जानें क्या है मामला
न्यायिक आयोग ने उसको साक्ष्य न उपलब्ध करा कर बयानबाजी करने के आरोप में पूर्व आईजी व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर और कुछ मीडिया संस्थानों को नोटिस भेजा है।
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महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के दिन हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर घटना की जांच कर रहा न्यायिक आयोग गंभीर हो गया है। जांच में कई लोगों के बयान हो चुके हैं। साक्ष्यों, मृतकों और घायलों के बारे में जानकारी मांगी जा चुकी है। न्यायिक आयोग ने उसको साक्ष्य न उपलब्ध करा कर बयानबाजी करने के आरोप में पूर्व आईजी व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर और कुछ मीडिया संस्थानों को नोटिस भेजा है। इसमें कहा है कि एक सप्ताह में घटना के संबंध में अपने अभिकथन से शपथ के साथ न्यायिक आयोग को अवगत कराएं।
त्रि-सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के सचिव ने अमिताभ ठाकुर व अन्य को भेजे नोटिस में कहा है कि जांच आयोग की ओर से जनसामान्य से जानकारी प्राप्त करने के लिए छह फरवरी व 19 मार्च 2025 को जांच आयोग नियमावली 1985 के अंतर्गत देश के प्रमुख समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराए गए हैं।
जनसामान्य से अपेक्षा की गई है कि जिस किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई साक्ष्य वीडियो, फोटो, या जानकारी हो, वह शपथ पत्र के माध्यम से आयोग के समझ प्रस्तुत करे। आपने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं है, जबकि कथित मौतों के संबंध में आपका 12 जून का वक्तव्य आयोग के संज्ञान में आया है।
यह है पूरा मामला
मौनी अमावस्या (29 जनवरी) की भोर में हुआ हादसा एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गया है। हादसे में बिहार निवासी उदय प्रताप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन से मृतकों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है। मेलाधिकारी, एसएसपी सहित वरिष्ठ अफसरों के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। सरकार ने जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया है, जिसमें पूर्व आईएएस दिनेश कुमार सिंह और पूर्व आईपीएस बीके गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।
मौनी अमावस्या हादसे में कितने मृत, यह तो आयोग में ही तय होगा
मौनी अमावस्या हादसे में कितने लोगों की जान गई, कितने लोग घायल हुए यह तो न्यायिक आयोग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय हो सकेगा। वैसे मौनी अमावस्या के दिन दो अलग-अलग घटनाओं में कुल 37 मौतों की पुष्टि प्रशासन कर चुका है। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार, हादसा 29 जनवरी की भोर में करीब डेढ़ से पौने दो बजे के बीच हुआ, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अचानक एक साथ आगे बढ़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान 90 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से 30 से अधिक की मौत मौके पर हुई। बाद में सात और लोगों के मौत की पुष्टि हुई।