Prayagraj : 10 साल से फाइलों में कैद मेट्रो परियोजना को मिली बजट में संजीवनी, 2016 में तैयार हुआ था डीपीआर
बजट में प्रदेश के जिन शहरों में मेट्रो चलाए जाने की योजना तैयार की गई है, उसमें प्रयागराज में नई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अभी तक 10 साल से फाइलों में मेट्रो परियोजना कैद थी।
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बजट में प्रदेश के जिन शहरों में मेट्रो चलाए जाने की योजना तैयार की गई है, उसमें प्रयागराज में नई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अभी तक 10 साल से फाइलों में मेट्रो परियोजना कैद थी। वर्ष 2016 में बमरौली एयरपोर्ट से झूंसी और फाफामऊ से नैनी-छिवकी तक दो कॉरिडोर की मेट्रो परियोजना का डीपीआर तैयार हुआ था, लेकिन एक दशक बाद भी योजना जमीन पर नहीं उतर सकी थी। बजट में मेट्रो परियोजना शामिल होने से शहरवासियों में खुशी का माहौल है।
बजट में प्रयागराज-चित्रकूट प्राधिकरण के गठन पर जोर
प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के नए बजट में प्रयागराज को नजदीकी जनपदों के पर्यटन विकास से जोड़ने का प्रयास किया गया है। बजट में प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन की बात कही गई है। इसका प्रस्ताव पीडीए ने तैयार कर शासन को भेजा था। प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत देश के चयनित कुल 100 शहरों में प्रदेश के 10 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें प्रयागराज के अलावा लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर व मुरादाबाद भी शामिल हैं।
दुग्ध उत्पादक कंपनी के गठन का प्रावधान
बजट में महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत जिन जनपदों में पांच दुग्ध उत्पादक कंपनियों का गठन होना है, उसमें प्रयागराज भी शामिल है। बजट में दिव्यांग जन कल्याण के लिए 2140 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह 2025-26 की तुलना में आठ फीसदी अधिक है। इसमें प्रयागराज मंडल के फतेहपुर जनपद में नवीन बचपन केयर-डे सेंटर की स्थापना प्रमुख है। बजट में प्रदेश के 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किए जाने का जिक्र है।
बजट को तकनीकी और उद्योग के लिए बताया विजनरी
प्रयागराज की एआई क्रिएटिव स्ट्रेटजिस्ट मायांशी सिंह ने कहा कि यूपी के नए बजट में राज्य में ‘यूपी एआई मिशन’ की शुरुआत एक बड़ा कदम है। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डेटा लैब की स्थापना के लिए 32.82 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इससे एक तरफ जहां युवाओं को रोजगार मिलेगा तो वहीं, विभिन्न क्षेत्र में नई तकनीक के इस्तेमाल से सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।
