MNNIT Research :थ्री-डी प्रिंटेड तांबे से ज्यादा टिकाऊ व सस्ती होगी लिथियम बैटरी
इलेक्ट्रिक वाहनों और दूसरे उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरी अब ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ व सस्ती होगी। बैटरी लंबे समय तक चलेगी और पैसे की बचत होगी।
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इलेक्ट्रिक वाहनों और दूसरे उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरी अब ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ व सस्ती होगी। बैटरी लंबे समय तक चलेगी और पैसे की बचत होगी। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं ने थ्री-डी प्रिंटिंग और विशेष ताप प्रक्रिया की मदद से बेहद महीन छिद्रों वाला तांबे का करंट कलेक्टर तैयार किया है। इससे बैटरी में लिथियम के जमाव को नियंत्रित करने के साथ उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मुकुल शुक्ला व आलोक कुमार मिश्रा के इस शोध को इंटरनेशनल जर्नल ऑन इंटरैक्टिव डिजाइन एंड मैनुफैक्चरिंग के हालिया अंक में प्रकाशित किया गया है।
ऐसे तैयार हुआ खास तांबा
प्रो. मुकुल शुक्ला ने बताया कि प्रयोगशाला में तांबे के पाउडर से एक विशेष थ्री-डी ढांचा तैयार किया गया। इसके लिए पहले थ्री-डी प्रिंटिंग से आकृति का सांचा बनाया गया और फिर बिना दबाव के उच्च तापमान पर तांबे के पाउडर को जोड़ा गया। शोध में 957 डिग्री सेल्सियस तापमान, दो डिग्री सेल्सियस प्रति मिनट की गर्म करने की दर और एक घंटा 48 मिनट के समय को सबसे बेहतर पाया गया।
100 बार चार्ज-डिस्चार्ज परीक्षण में 95 फीसदी रही दक्षता
इस ढांचे में बड़े और छोटे दोनों तरह के छिद्र हैं। इससे बैटरी में लिथियम ज्यादा समान रूप से जमा होता है और खतरनाक डेंड्राइट बनने की संभावना घटती है। शोध में पाया गया कि थ्री-डी तकनीक से तैयार छिद्रयुक्त तांबे ने 100 बार चार्ज-डिस्चार्ज परीक्षण में करीब 95 प्रतिशत दक्षता बनाए रखी जबकि सामान्य तांबे की फॉयल की क्षमता 55 चक्रों के बाद तेजी से घटने लगी।
अगली पीढ़ी की बैटरियों के लिए भी उपयोगी होगी तकनीक
यह तकनीक भविष्य में अगली पीढ़ी की बैटरियों के लिए भी उपयोगी होगी। इसकी खासियत यह है कि थ्री-डी प्रिंटिंग से तांबे की संरचना को जरूरत के मुताबिक डिजाइन किया जा सकता है और पारंपरिक लेजर तकनीक की तुलना में निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि नई तकनीक बैटरी की स्थिरता बढ़ाने के साथ लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन में मदद कर करती है।