Narendra Giri : नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में गवाह का बयान हुआ दर्ज, बचाव पक्ष को जिरह का मौका 16 जुलाई को
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के महंत रहे नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह सर्वेश कुमार द्विवेदी की मुख्य परीक्षा पूरी कर ली गई।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के महंत रहे नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह सर्वेश कुमार द्विवेदी की मुख्य परीक्षा पूरी कर ली गई। अदालत का समय समाप्त हो जाने के कारण बचाव पक्ष को जिरह का अवसर नहीं मिल सका। अब मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी आनंद गिरि चित्रकूट जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत से जुड़े। वहीं, सह-आरोपी आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।
महंत नरेंद्र गिरि प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ में अपने कमरे में 20 सितंबर 2021 को मृत पाए गए थे। उनके शिष्यों ने उनका शव फंदे से लटका हुआ देखा था। घटनास्थल से मिले कथित सुसाइड नोट में उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि, बड़े हनुमान मंदिर के तत्कालीन पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
घटना के अगले दिन 21 सितंबर 2021 को जॉर्जटाउन थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने 18 नवंबर 2021 को दाखिल आरोपपत्र में आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ हत्या और आपराधिक साजिश की धाराएं भी जोड़ दीं। मामले में आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी आरोपी हैं। आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।