Prayagraj : दिल्ली से आने वालीं ट्रेनों में नो रूम, फर्श और शौचालय के पास बैठकर पहुंचे प्रयागराज
होली पर घर पहुंचने की जद्दोजहद अब अपने चरम पर है। दिल्ली से संगम नगरी आने वाली तमाम ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। आलम यह है कि रविवार की सुबह यहां पहुंचीं तमाम ट्रेनों के आरक्षित कोचों में बड़ी संख्या में वेटिंग टिकट वाले यात्री सवार रहे।
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होली पर घर पहुंचने की जद्दोजहद अब अपने चरम पर है। दिल्ली से संगम नगरी आने वाली तमाम ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। आलम यह है कि रविवार की सुबह यहां पहुंचीं तमाम ट्रेनों के आरक्षित कोचों में बड़ी संख्या में वेटिंग टिकट वाले यात्री सवार रहे। इसके कारण कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को अपनी ही सीट तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार की सुबह भी दिल्ली से प्रयागराज आने वालीं ट्रेनों में भारी भीड़ होने का अनुमान है।
रविवार सुबह जब दिल्ली से प्रयागराज, शिवगंगा एक्सप्रेस और रीवा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें जंक्शन पर पहुंचीं तो कोच के अंदर गलियारों से लेकर फर्श तक यात्री बैठे नजर आए। कुछ यात्री शौचालय के पास भी बैठे दिखे। नई दिल्ली, आनंद विहार स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें अपने निर्धारित आरक्षित कोच में प्रवेश करने तक के लिए संघर्ष करना पड़ा।
गुरुग्राम स्थित मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत अमित श्रीवास्तव ने बताया कि रिजर्वेशन होने के बावजूद उन्हें रात में ट्रेन के शौचालय का इस्तेमाल करने में काफी संघर्ष करना पड़ा। बड़ी संख्या में प्रतीक्षा सूची वाले यात्री एसी थ्री कोच में घुस गए थे, जिसे जहां जगह मिली वह वहीं बैठ गया।
इसी तरह कीडगंज की महिमा ने बताया कि उनकी आरएसी टिकट थी। नियमानुसार साइड लोअर बर्थ में दो लोगों को बैठना होता है लेकिन उसपर चार लोग बैठकर आए। वहीं, दूसरी ओर जंक्शन पर उतरने के बाद भी यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। यहां से आसपास के जिलों प्रतापगढ़, कौशाम्बी, जौनपुर और भदोही की ओर जाने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी भारी भीड़ रही।
रोडवेज बसों ने दिया सहारा पर ये भी रहीं ठसाठस
ट्रेनों में जगह न मिलने का सीधा असर रोडवेज बसों पर पड़ा। प्रयागराज के सिविल लाइंस और जीरो रोड बस डिपो पर यात्रियों का तांता लगा रहा। वाराणसी, आजमगढ़ और गाजीपुर की ओर जाने वालीं बसें पूरी तरह पैक होकर रवाना हुईं। दिल्ली के आनंद विहार से प्रयागराज के लिए चलाई गईं अतिरिक्त बसों ने यात्रियों को कुछ राहत जरूर दी। हालांकि, ये बसें भी यात्रियों से भरी आईं।
