Prayagraj Weather : सर्दी हुई कड़क, शीतलहरी से बढ़ी गलन, बर्फीली पछुआ हवाओं से जनजीवन बेहाल
जिले में शीतलहर और तेज पछुआ हवाओं के चलते ठंड का असर और ज्यादा बढ़ गया है। मंगलवार को पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। दिनभर धूप कमजोर रही, जिससे वातावरण में गलन बनी रही। न्यूनतम तापमान इस सीजन का अब तक का सबसे कम छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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शीतलहरी से बढ़ी गलन की वजह से सर्दी कड़क हो गई है। मंगलवार को पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं की वजह से जनजीवन प्रभावित रहा। न्यूनतम तापमान इस सीजन का सबसे कम छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने कोहरे की वजह से सुबह दृश्यता शून्य रही।
तेज पछुआ हवाओं की वजह से बढ़ी गलन वाली सर्दी का असर तेज होने से लोग कांपते रहे। दोपहर बाद दिखी धूप भी सर्द हवाओं के असर से कमजोर रही सो लोगों को सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ा। इस सीजन तीसरी बार सात और छह डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
बीते साल 27 दिसंबर को न्यूनतम पारा 6.8 डिग्री सेल्सियस, इस वर्ष पांच जनवरी को 6.7 डिग्री सेल्सियस और छह जनवरी को सबसे कम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान धूप निकलने की वजह से 2.2 डिग्री की बढ़त के साथ 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी सौ फीसदी रही।
माैसम विभाग का पूर्वानुमान है कि रात के तापमान में अभी और गिरावट आसार हैं। वहीं मौसम विज्ञानी इविवि के डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक पछुआ के प्रभाव से रातें और ज्यादा सर्द होंगी। सुबह कोहरा घना हो सकता है। यह स्थिति इस सप्ताह बनी रह सकती है।
नगर निगम ने 589 स्थानों पर जलवाए अलाव
नगर निगम ने लोगों को सर्दी से राहत दिलाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के साथ कुल 589 स्थानों पर अलाव जलवाने का दावा किया है। अधिशासी अभियंता अनिल मौर्या के मुताबिक रेलवे स्टेशनों, बस स्टाप और प्रमुख चौराहों के साथ आश्रय स्थलों में अलाव की व्यवस्था है।
बाहर निकलें तो कान-सिर ढंके और मोजे जरूर पहनें
मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. पीयूष सक्सेना के मुताबिक, सर्दी से बुजुर्गों के साथ बच्चों को भी बचाना होगा। घर से बाहर निकलें तो कान-सिर ढंके और मोजे जरूर पहनें।शुगर और बीपी के मरीज नियमित परामर्श के मुताबिक दवाएं लें और ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन करें। डॉ. पीयूष ने सलाह दी है कि दिल के मरीज भोजन करने के उपरांत कम से कम आधे घंटे तक टहलें नहीं, आराम करें, नियमित दवा लें। यदि परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।