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Prayagraj : साध्वी निरंजन ज्योती पहुंची प्रयागराज, संगम में लगाई डुबकी, हनुमानजी का किया दर्शन

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 10 Apr 2026 05:22 PM IST
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सार

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोग से जुड़े मामलों की समीक्षा की और निस्तारण का निर्देश दिया।

Sadhvi Niranjan Jyoti reached Prayagraj, took a dip in the Sangam, and visited Hanumanji.
संगम स्नान के बाद श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन करतीं साध्वी निरंजन ज्योति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोग से जुड़े मामलों की समीक्षा की और निस्तारण का निर्देश दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुके और गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उनका आगमन जिले में हुआ है। साध्वी निरंजन ने संगम में स्नान करने के बाद श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन किया। 
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अस्पताल की बदहाली पर भड़कीं साध्वी निरंजन ज्योति, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने शुक्रवार को सर्किट हाउस के सभागार में पिछड़ा वर्ग कल्याण और उनकी समस्याओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया। बैठक के दौरान जब कौशाम्बी में हुई दुर्घटना के घायलों के इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया तो उनका पारा चढ़ गया।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीके पांडेय से पूरे प्रकरण की जांच कर विस्तृत आख्या रिपोर्ट तलब की है। बैठक के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति उस समय बेहद नाराज हुईं जब उन्हें पता चला कि घायल मरीज केसन के इलाज में न केवल लापरवाही बरती गई, बल्कि निशुल्क उपचार की सुविधा होने के बावजूद जांच के नाम पर दो हजार रुपये जमा कराए गए।

सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि मरीज के ठीक होने के बाद उसे एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई और जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ही वाहन की व्यवस्था हो सकी। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि आखिर यह कैसी व्यवस्था है, जहां खून के लिए मरीज को 24 घंटे इंतजार करना पड़ता है और एंबुलेंस के लिए जिले के सबसे बड़े अधिकारी को फोन करना पड़ता है।
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अस्पताल में बाहर की दवा लिखने का बंद हो सिलसिला

अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज को समुचित इलाज मिलना चाहिए और बाहर की दवाएं लिखने का सिलसिला तत्काल बंद होना चाहिए। उन्होंने अस्पताल की कार्यक्षमता को परखने के लिए यहां तैनात डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों की श्रेणीवार सूची भी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा, अस्पताल परिसर की पुलिस चौकी पर एक तीमारदार को बैठाए जाने की शिकायत पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। साध्वी निरंजन ज्योति ने जाति प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा की। बैठक में एडीसीपी प्रशासन विजय ढुल, अपर जिलाधिकारी विनीता सिंह और एसआरएन की सीएमएस डॉ. नीलम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


 
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