Prayagraj : मुंबई के लिए मिली स्पेशल ट्रेन, हर सोमवार सूबेदारगंज से होगा संचालन
रेलवे प्रशासन ने गर्मी की छुट्टियों में मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों की लंबी प्रतीक्षा सूची को देखते हुए प्रयागराज के सूबेदारगंज से समर स्पेशल ट्रेन चलाने घोषणा की है।
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रेलवे प्रशासन ने गर्मी की छुट्टियों में मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों की लंबी प्रतीक्षा सूची को देखते हुए प्रयागराज के सूबेदारगंज से समर स्पेशल ट्रेन चलाने घोषणा की है। छह अप्रैल से समर स्पेशल ट्रेन का संचालन प्रत्येक सोमवार को मुंबई के बांद्रा टर्मिनल स्टेशन के लिए होगा। इसकी समय सारिणी रेलवे प्रशासन ने जारी कर दी है।
सूबेदारगंज से गाड़ी संख्या 04125 की रवानगी सुबह 5:20 बजे होगी। यहां से फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह (आगरा), फतेहपुर सीकरी, रूपबास, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली रुकते हुए समर स्पेशल अगले दिन सुबह 9:30 बजे बांद्रा पहुंच जाएगी। 13 जुलाई तक इस ट्रेन का संचालन होगा।
वापसी में बांद्रा से 04126 का संचालन प्रत्येक मंगलवार सात अप्रैल से 14 जुलाई तक सुबह 11:15 बजे होगा। उक्त स्टेशनों पर रुकते हुए ट्रेन अगले दिन शाम 5:00 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन में एसी थ्री के पांच, एसी इकोनॉमी के चार, एसी टू का एक, स्लीपर के छह एवं सामान्य श्रेणी के चार कोच रहेंगे।
चुनार-चोपन तक पहले के मुकाबले कम समय में पहुंचेंगी ट्रेनें
प्रयागराज जंक्शन से चुनार के रास्ते चोपन जाने वालीं ट्रेनें पहले के मुकाबले कम समय में यह दूरी तय करेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल द्वारा चोपन-चुनार रेल खंड पर स्थित 73 साल पुराने दो महत्वपूर्ण पुलों (ब्रिज संख्या 46 और 48) का नवीनीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है।
संबंधित पुलों पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 30 किमी प्रतिघंटे थी, जो अब बढ़कर 80 से 100 किमी प्रतिघंटे हो जाएगी। पुलों का कायाकल्प होने से प्रयागराज से चोपन पहुंचने में 30 मिनट की बचत होगी। बता दें कि वर्ष 1953 में बने पुल संख्या 48 की स्थिति जर्जर हो चुकी थी, जिसके कारण इसे ओआरएन-2 श्रेणी में रखा गया था।
12 से 20 मार्च 2026 के बीच चले विशेष अभियान में रिकॉर्ड समय के भीतर इसके सभी आठ स्पैन बदल दिए गए। इसी तरह फरवरी 2026 में ब्रिज संख्या 46 के छह स्पैन का भी कायाकल्प किया गया। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यह उपलब्धि रेल मंत्रालय के मिशन रफ्तार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जटिल कार्य को सुरक्षा के साथ समय सीमा में पूरा करने वाली टीम बधाई की पात्र है।