UP Board : यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्ती का नया दौर, 20 केंद्रों पर जैमर, 923 केंद्रों पर कड़ी निगरानी
UP Boar News : माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए गए। पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए गए। पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की नकल पर रोक लगाई जा सके। वहीं इन जैमर की जानकारी स्कूल संचालकों तक को नहीं होने दी गई।
परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के केंद्रों पर प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट की व्यवस्था की गई। वहीं प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिये ऑनलाइन अंक अपलोडिंग लागू की गई। उत्तर पुस्तिकाओं में भी बदलाव करते हुए इस बार ए-4 आकार की कॉपियों का प्रयोग किया गया। इसके हर पृष्ठ पर बोर्ड का लोगो और सूक्ष्म अंकन के साथ मार्जिन लाइन छपी थी। जिससे छेड़छाड़ की संभावना कम हो सके।
प्रदेश के 18 जिलों में 701 संवेदनशील और 222 अति संवेदनशील, कुल 923 परीक्षा केंद्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी की गई। पहली बार प्रधानाचार्य को अंकेक्षक के रूप में तैनात किया गया। वहीं करीब 26,420 अधिकारियों और कर्मचारियों जैसे केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, मंडलीय सचल दल और कंट्रोल रूम कर्मियों की तैनाती की गई।
इस बार परीक्षा केंद्रों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी पहचान पत्र जारी किए गए, जबकि पहले यह सुविधा केवल कक्ष निरीक्षकों तक सीमित थी। पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज, मेरठ, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर में पारंपरिक मूल्यांकन के साथ ऑनलाइन अंक अपलोडिंग की व्यवस्था लागू की गई। इसी दौरान सामूहिक नकल के मामलों का भी खुलासा हुआ।
परीक्षा के दौरान 22 मुन्ना भाई पकड़े गए
परीक्षा के दौरान 22 मामले सामने आए, जहां पंजीकृत परीक्षार्थी की जगह दूसरे व्यक्ति परीक्षा देते पकड़े गए। 18 फरवरी को आगरा, फतेहपुर, कौशाम्बी, गोंडा और इटावा में, 20 फरवरी को कन्नौज, झांसी, गोरखपुर, प्रतापगढ़ और एटा में, 23 फरवरी को जौनपुर, शाहजहांपुर, आजमगढ़, मेरठ, गाजीपुर सहित कई जिलों में और 25 व 26 फरवरी को एटा बिजनौर और इटावा के कई मामलों में सख्त व्यवस्थाओं के जरिये बोर्ड ने स्पष्ट संदेश दिया कि नकल और फर्जीवाड़े के खिलाफ अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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