UPESSC अध्यक्ष प्रशांत बोले : परीक्षा में गड़बड़ी करने व अफवाह फैलाने वालों के साथ होगा अपराधियों जैसा सलूक
UPESSC News : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग की परीक्षा में गड़बड़ी करने और अफवाह फैलाने वालों के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जाएगा। डिजिटल ट्रैकिंग, एआई आधारित निगरानी व बायोमीट्रिक सत्यापन से परीक्षाएं बेदाग होंगी। कहा कि अब कोई नहीं कह सकेगा, सब पहले से तय है। डॉ. प्रशांत अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता विनोद कुमार तिवारी से विशेष बातचीत की।
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नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामलों के बाद भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की वर्ष 2025 में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती -2022 की परीक्षा में भी गड़बड़ी और अवैध वसूली के आरोप लगे। तब कहा गया कि सब कुछ पहले से ही तय था। ऐसे में अभ्यर्थियों में भरोसा कैसे बढ़े, इसे लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी डाॅ. प्रशांत कुमार से अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता विनोद कुमार तिवारी ने विशेष बातचीत की।
सवाल: भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और बेदाग बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में किन नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जवाब : आयोग की परीक्षा प्रणाली में व्यापक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। डिजिटल ट्रैकिंग, एआई आधारित निगरानी और बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिये परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष और बेदाग बनाने की पुख्ता तैयारी की गई है।
सवाल : वर्ष 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का पेपर आउट होने के बाद अभ्यर्थियों में आयोग के प्रति बनी नकारात्मक धारणा को कैसे बदलेंगे।
जवाब : असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022 की परीक्षा में एसटीएफ की जांच में कमियां उजागर हुई थीं। इसमें कुछ लोग पकड़े भी गए थे। अब कोई भी दुष्प्रचार करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। यदि किसी ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने, अफवाह फैलाने या व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की तो उसके साथ अपराधियों जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवाल : उन अभ्यर्थियों को आयोग क्या भरोसा दिलाना चाहेगा जो वर्षों से भर्ती परीक्षाओं का इंतजार कर रहे हैं।
जवाब : आयोग ऐसे अभ्यर्थियों की उम्मीदों को टूटने नहीं देगा। मेहनत से तैयारी करें। आयोग का यही प्रयास है कि मेधावी को चुने, यही लोग भविष्य हैं। भर्ती प्रक्रिया में जल्द बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। आयोग सभी भर्तियों को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए काम कर रहा है। जो भी परीक्षा होगी, पारदर्शी होगी। आरक्षण का अनुपालन भी कराया जाएगा।
सवाल : पारदर्शिता को लेकर आयोग क्या कुछ नया कर रहा है।
जवाब : पहली बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की व्यवस्था लागू की गई है। इससे कोई अभ्यर्थी एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अन्य परीक्षाओं के लिए भी आवेदन कर सकता है। पिछली भर्ती परीक्षाओं और विशेषकर पुलिस भर्ती परीक्षा से मिले अनुभवों के आधार पर नई तकनीक को लागू किया गया है।
सवाल : इस बार किन नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या एआई की भी मदद ली जा रही है।
जवाब : पहली बार एआई आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की गई है। इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वीओआईपी (वाॅयस ओवर इंटरनेट फोन) सिस्टम की व्यवस्था की गई है। वहीं, आयोग कार्यालय में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां से प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। देश में इस तरह के कंट्रोल रूम कम संस्थानों में ही उपलब्ध हैं। सभी परीक्षा कक्षों में एआई कैमरे, बायोमीट्रिक सिस्टम और अन्य डिजिटल तकनीकों का उपयोग हो रहा है।
सवाल: भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे।
जवाब : भर्ती प्रक्रिया में जल्द बड़े बदलाव दिखाई देंगे। अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के लिए कंप्यूटर आधारित पारदर्शी व्यवस्था की गई है। हाल ही में हुईं दो परीक्षाओं में जो कमियां प्रेक्षकों ने बताईं, उन्हें दूसरी परीक्षा में सुधार कर लिया गया। ऐसे में हमारी टेक्नालॉजी में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है।
सवाल : बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। आयोग के पास कितने अधियाचन आ चुके हैं और इन्हें लेकर क्या तैयारियां हैं।
जवाब: एडेड स्कूलों के लिए जो भी अधियाचन आएगा उसका परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अभी माध्यमिक व बेसिक के नगर क्षेत्र का अधियाचन प्राप्त हुआ है।