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Prayagraj News: दवा का इंतजार, बिजली से बेकरार
Sat, 01 Aug 2026 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:44 AM IST
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सीएचसी मेजा में चिकित्सक को दिखाने के लिए अपनी पारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
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शुक्रवार सुबह 11 बजे सीएचसी मेजा के अस्पताल परिसर में कक्ष संख्या 27 में मरीजों की भारी भीड़ थी। मरीज और उनके तीमारदार आगे दिखाने के लिए परेशान नजर आए। अस्पताल में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे चिकित्सकों और मरीजों दोनों को पसीना बहाना पड़ा।
डॉ. सुरेश सोनकर बारी-बारी से मरीजों की जांच कर रहे थे। भटौती की 77 वर्षीय सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें पहले सर्दी-जुकाम हुआ, फिर तीन दिन से बुखार है। कक्ष संख्या 27 में डॉ. शास्वत सिंह भी मरीजों को देख रहे थे। अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार भी कक्ष संख्या दो में मरीजों की जांच में व्यस्त थे। डॉ. सुरेश सोनकर ने सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से बचाव के तरीके भी बताए।
चिकित्सक के चैंबर में कई मरीज सर्दी-जुकाम और मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए। इनमें 4 वर्षीय शिवानी, 6 वर्षीय अमृता और 8 वर्षीय अनमोल शामिल थे। 20 वर्षीय मो. इरशाद, 11 वर्षीय अंशिका और 7 वर्षीय कृपा गुप्ता भी बीमार थे। 58 वर्षीय फुलवत्ती देवी, 68 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद और 60 वर्षीय ननका देवी सहित अन्य मरीजों का भी इलाज किया गया। सभी मरीजों को बारी-बारी से देखा गया। शुक्रवार को सीएचसी मेजा में मरीजों की संख्या 271 रही।
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अस्पताल परिसर में मरीजों की अत्यधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था का माहौल था। बिजली न होने से चिकित्सकों और मरीजों दोनों को गर्मी से जूझना पड़ा। इसके बावजूद चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। डॉ. सुरेश सोनकर ने वायरल बुखार से बचने के लिए आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता और सावधानी बरतने की सलाह दी।
ये उपाय जरूरी
बुखार पीड़ित से दूरी बनाएं
-ठंडा पानी पीने से बचें।
-बुखार आने पर पैरॉसिटामाल की गोली लें।
-साफ-सुथरा पानी पीएं।
-खुले आसमान में लेटने से बचें।
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डॉ. सुरेश सोनकर बारी-बारी से मरीजों की जांच कर रहे थे। भटौती की 77 वर्षीय सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें पहले सर्दी-जुकाम हुआ, फिर तीन दिन से बुखार है। कक्ष संख्या 27 में डॉ. शास्वत सिंह भी मरीजों को देख रहे थे। अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार भी कक्ष संख्या दो में मरीजों की जांच में व्यस्त थे। डॉ. सुरेश सोनकर ने सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से बचाव के तरीके भी बताए।
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चिकित्सक के चैंबर में कई मरीज सर्दी-जुकाम और मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए। इनमें 4 वर्षीय शिवानी, 6 वर्षीय अमृता और 8 वर्षीय अनमोल शामिल थे। 20 वर्षीय मो. इरशाद, 11 वर्षीय अंशिका और 7 वर्षीय कृपा गुप्ता भी बीमार थे। 58 वर्षीय फुलवत्ती देवी, 68 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद और 60 वर्षीय ननका देवी सहित अन्य मरीजों का भी इलाज किया गया। सभी मरीजों को बारी-बारी से देखा गया। शुक्रवार को सीएचसी मेजा में मरीजों की संख्या 271 रही।
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अस्पताल परिसर में मरीजों की अत्यधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था का माहौल था। बिजली न होने से चिकित्सकों और मरीजों दोनों को गर्मी से जूझना पड़ा। इसके बावजूद चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। डॉ. सुरेश सोनकर ने वायरल बुखार से बचने के लिए आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता और सावधानी बरतने की सलाह दी।
ये उपाय जरूरी
बुखार पीड़ित से दूरी बनाएं
-ठंडा पानी पीने से बचें।
-बुखार आने पर पैरॉसिटामाल की गोली लें।
-साफ-सुथरा पानी पीएं।
-खुले आसमान में लेटने से बचें।