Prayagraj : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर, प्रशासन ने एनडीआरएफ टीम को किया अलर्ट
Prayagraj Ganga Yamuna Water Level : लगातार सक्रिय मानसून और ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर पर साफ दिखने लगा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि अभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को अलर्ट कर बाढ़ राहत तैयारियां तेज कर दी हैं।
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मानसून के सक्रिय होने के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। इसके चलते घाट के किनारे रहने वालों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। जिला प्रशासन ने भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम को अलर्ट कर दिया है। साथ ही बाढ़ राहत की तैयारी तेज कर दी है। नैनी में यमुना में डेढ़ फीट तक जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह फाफामऊ में गंगा में एक फीट पानी बढ़ गया है, जबकि छतनाग में गंगा के जलस्तर में 22 इंच की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
सक्रिय मानसून के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों और घाटों पर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंचाई विभाग के अनुसार नैनी में यमुना का जलस्तर करीब डेढ़ फीट बढ़ा है। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर एक फीट ऊपर पहुंच गया है। छतनाग में गंगा के जलस्तर में 22 इंच की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि पर प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन यदि पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी रहा तो अगले कुछ दिनों में जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्था को पहले से दुरुस्त किया जा रहा है।
घाटों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। नाव संचालन और स्नान के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं।