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Auraiya News: चेक बाउंस के मामले में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि दोषमुक्त
Sun, 12 Jul 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:10 AM IST
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औरैया। जिले के बिधूना थाना क्षेत्र से जुड़े चेक बाउंस के एक पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने अपीलार्थी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आदर्श सेंगर को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते के आधार पर यह निर्णय सुनाया है।
मामला वर्ष 2022 का है, जब गांव पसुआ निवासी रजनी ने आदर्श सेंगर के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया था। आरोप था कि आदर्श सेंगर ने उनसे उधार लिए 2.5 लाख रुपये रुपये के बदले जो चेक दिया था, वह बैंक से हस्ताक्षर मिसमैच होने के कारण बाउंस हो गया। निचली अदालत ने सुनवाई के बाद आदर्श सेंगर को दोषी मानते हुए तीन माह का कारावास की सजा दी थी। इसके साथ ही 3.5 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आदर्श सेंगर ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपील के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई। शुक्रवार को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने निचली अदालत की ओर से 30 अक्तूबर 2025 को सुनाया गया सजा का फैसला निरस्त कर दिया। बाद में आदर्श सेंगर को एनआई एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है।
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एनडीपीएस में जब्त वाहन होगा रिहा
औरैया। जिले के बिधूना थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक पुराने मामले में जब्त किए गए वाहन व मोबाइल फोन को न्यायालय ने सशर्त सुपुर्द करने के आदेश हैं। बिधूना थाने में दर्ज मुकदमा में पुलिस ने एक वाहन को 40 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा था। वाहन स्वामी लोकेश पांडेय ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर वाहन को रिलीज करने की मांग की थी।
न्यायाधीश ने वाहन स्वामी को चार लाख रुपये की जमानत और इतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र जमा करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वाहन व मोबाइल फोन किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो पहचान सुनिश्चित करने के बाद इसे मालिक को सुपुर्द कर दिया जाए।(संवाद)
किशोरी को ले जाने के आरोपी की जमानत
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में किशोरी को ले जाने के मामले में जेल में बंद एक युवक को प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला 10 अप्रैल 2026 का है,
फफूंद थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को खानपुर निवासी राजकुमार उर्फ राहुल ले गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को 17 अप्रैल को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। इस दौरान पीड़िता ने बयानों में स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से घर से निकली थी।
इस पर कोर्ट ने आरोपी राजकुमार का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उसे 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की जमानत राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
मासूम से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। कुदरकोट थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने आरोपी अजय बाथम की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
घटना 22 फरवरी 2026 की है। वादी के अनुसार, उसकी पत्नी खेतों में काम कर रही थी, तभी बाइक सवार एक व्यक्ति ने उनके पांच वर्षीय नाती को 10 रुपये का लालच देकर बाइक पर बैठाया और पेड़ों की तरफ ले गया। वहां आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत दिए जाने का कोई समुचित आधार नहीं है। अदालत ने अजय बाथम की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। (संवाद)
गैंगस्टर के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
औरैया। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में के आरोपी की प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दी। मोहल्ला गोविंद नगर निवासी शनि चौहान को सदर कोतवाली पुलिस ने उसके साथियों के साथ नकली खाद के साथ गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस ने 28 मार्च को शनि सहित पांच आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। गैंगस्टर के मामले की सुनवाई के लिए 10 जुलाई को पत्रावली पेश की गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र पर बल न देना माना। प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश दिया।(संवाद)
मारपीट में दो युवकों की जमानत
औरैया। थाना कुदरकोट क्षेत्र में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी अधिनियम के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों की विशेष न्यायाधीश ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। वादी वीरेंद्र कठेरिया ने थाना कुदरकोट में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि 18 जुलाई 2025 की शाम को राहुल शाक्य, सचिन, नीलेश कुमार और कल्लू ने उसके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई।
विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने आरोपी राहुल शाक्य और सचिन को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की एक-एक जमानतदार दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिए हैं। (संवाद)
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मारपीट व लूट के मामले में पुलिस की रिपोर्ट खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र के गांव चडरौआ में रंजिश के चलते एक महिला के घर में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमले और लूटपाट का मामला सामने आया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूर्व में पुलिस से शिकायत करने की खुन्नस में आरोपियों ने उस पर तमंचे से फायर झोंका और सोने के बाले लूट लिए। मामले में विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने पुलिस की रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
गांव चडरौआ निवासी गीता पत्नी राजकुमार ने अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर बताया कि 28 मई 2026 को गांव के ही देवेंद्र, सीटू और घनश्याम पुत्रगण जवाहरलाल ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और उनकी बाइक तोड़ दी।
पीड़िता के अनुसार, इस मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायत करने पर कार्रवाई हुई थी, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने 31 मई की रात तीन अज्ञात साथियों के साथ फिर उनके घर में घुस आए। तमंचे से फायर किया। आरोप है कि इस दौरान देवेंद्र ने उनके कान के सोने के बाले छीन लिए और सीटू ने घर में रखे 20 हजार रुपये लूट लिए।
घटना के बाद पीड़िता ने फफूंद थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई की। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि फायर किए जाने, कान के बाले छीने जाने के दौरान चोट लगने और मेडिकल रिपोर्ट का अभाव जैसे बिंदुओं पर पुलिस विवेचना का पर्याप्त आधार नहीं मिल रहा है।
इन तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने पुलिस की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए पीड़िता के प्रार्थना-पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। (संवाद)
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मामला वर्ष 2022 का है, जब गांव पसुआ निवासी रजनी ने आदर्श सेंगर के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया था। आरोप था कि आदर्श सेंगर ने उनसे उधार लिए 2.5 लाख रुपये रुपये के बदले जो चेक दिया था, वह बैंक से हस्ताक्षर मिसमैच होने के कारण बाउंस हो गया। निचली अदालत ने सुनवाई के बाद आदर्श सेंगर को दोषी मानते हुए तीन माह का कारावास की सजा दी थी। इसके साथ ही 3.5 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आदर्श सेंगर ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपील के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई। शुक्रवार को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने निचली अदालत की ओर से 30 अक्तूबर 2025 को सुनाया गया सजा का फैसला निरस्त कर दिया। बाद में आदर्श सेंगर को एनआई एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है।
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एनडीपीएस में जब्त वाहन होगा रिहा
औरैया। जिले के बिधूना थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक पुराने मामले में जब्त किए गए वाहन व मोबाइल फोन को न्यायालय ने सशर्त सुपुर्द करने के आदेश हैं। बिधूना थाने में दर्ज मुकदमा में पुलिस ने एक वाहन को 40 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा था। वाहन स्वामी लोकेश पांडेय ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर वाहन को रिलीज करने की मांग की थी।
न्यायाधीश ने वाहन स्वामी को चार लाख रुपये की जमानत और इतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र जमा करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वाहन व मोबाइल फोन किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो पहचान सुनिश्चित करने के बाद इसे मालिक को सुपुर्द कर दिया जाए।(संवाद)
किशोरी को ले जाने के आरोपी की जमानत
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में किशोरी को ले जाने के मामले में जेल में बंद एक युवक को प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला 10 अप्रैल 2026 का है,
फफूंद थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को खानपुर निवासी राजकुमार उर्फ राहुल ले गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को 17 अप्रैल को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। इस दौरान पीड़िता ने बयानों में स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से घर से निकली थी।
इस पर कोर्ट ने आरोपी राजकुमार का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उसे 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की जमानत राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
मासूम से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। कुदरकोट थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने आरोपी अजय बाथम की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
घटना 22 फरवरी 2026 की है। वादी के अनुसार, उसकी पत्नी खेतों में काम कर रही थी, तभी बाइक सवार एक व्यक्ति ने उनके पांच वर्षीय नाती को 10 रुपये का लालच देकर बाइक पर बैठाया और पेड़ों की तरफ ले गया। वहां आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत दिए जाने का कोई समुचित आधार नहीं है। अदालत ने अजय बाथम की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। (संवाद)
गैंगस्टर के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
औरैया। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में के आरोपी की प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दी। मोहल्ला गोविंद नगर निवासी शनि चौहान को सदर कोतवाली पुलिस ने उसके साथियों के साथ नकली खाद के साथ गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस ने 28 मार्च को शनि सहित पांच आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। गैंगस्टर के मामले की सुनवाई के लिए 10 जुलाई को पत्रावली पेश की गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र पर बल न देना माना। प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश दिया।(संवाद)
मारपीट में दो युवकों की जमानत
औरैया। थाना कुदरकोट क्षेत्र में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी अधिनियम के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों की विशेष न्यायाधीश ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। वादी वीरेंद्र कठेरिया ने थाना कुदरकोट में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि 18 जुलाई 2025 की शाम को राहुल शाक्य, सचिन, नीलेश कुमार और कल्लू ने उसके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई।
विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने आरोपी राहुल शाक्य और सचिन को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की एक-एक जमानतदार दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिए हैं। (संवाद)
मारपीट व लूट के मामले में पुलिस की रिपोर्ट खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र के गांव चडरौआ में रंजिश के चलते एक महिला के घर में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमले और लूटपाट का मामला सामने आया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूर्व में पुलिस से शिकायत करने की खुन्नस में आरोपियों ने उस पर तमंचे से फायर झोंका और सोने के बाले लूट लिए। मामले में विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने पुलिस की रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
गांव चडरौआ निवासी गीता पत्नी राजकुमार ने अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर बताया कि 28 मई 2026 को गांव के ही देवेंद्र, सीटू और घनश्याम पुत्रगण जवाहरलाल ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और उनकी बाइक तोड़ दी।
पीड़िता के अनुसार, इस मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायत करने पर कार्रवाई हुई थी, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने 31 मई की रात तीन अज्ञात साथियों के साथ फिर उनके घर में घुस आए। तमंचे से फायर किया। आरोप है कि इस दौरान देवेंद्र ने उनके कान के सोने के बाले छीन लिए और सीटू ने घर में रखे 20 हजार रुपये लूट लिए।
घटना के बाद पीड़िता ने फफूंद थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई की। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि फायर किए जाने, कान के बाले छीने जाने के दौरान चोट लगने और मेडिकल रिपोर्ट का अभाव जैसे बिंदुओं पर पुलिस विवेचना का पर्याप्त आधार नहीं मिल रहा है।
इन तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने पुलिस की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए पीड़िता के प्रार्थना-पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। (संवाद)