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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज की रसोई में गैस सिलिंडर का इंतजाम बना मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 14 Mar 2026 11:42 PM IST
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औरैया। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज भी एलपीजी सिलिंडर की कमी को लेकर चिंता में है। दरअसल, यहां अब मरीजों और तीमारदारों को मिलने वाले भोजन पर संकट खड़ा हो गया है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मांग सापेक्ष पूर्ति विभाग ने आधे ही सिलिंडर उपलब्ध कराने में मदद करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में जल्द ही यहां संकट खड़ा हो सकता है।
मेडिकल कॉलेज में औसतन 200 से करीब मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों के साथ-साथ एक तीमारदार को भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए संचालित रसोई में सुबह के नाश्ते के अलावा दोपहर और रात का भोजन तैयार किया जाता है।
रसोई संचालक रामशंकर के अनुसार प्रतिदिन भोजन बनाने के लिए तीन सिलिंडर की जरूरत होती है। ऐसे में प्रतिमाह करीब 90 से 95 सिलिंडरों की जरूरत पड़ती है, लेकिन बीते पांच दिनों से रसोई का संचालन मुश्किल होता जा रहा है। रामशंकर के अनुसार वह किसी तरह सिलिंडर की व्यवस्था कर रहे हैं।
इसी बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से भी सिलिंडर की डिमांड के लिए पत्र लिखा गया था। इसका संज्ञान लेते हुए पूर्ति विभाग ने रसोई संचालक को 40 सिलिंडरों की उपलब्धता के लिए पत्र दिया है। ऐसे में अब संचालक परेशान है कि बाकी के 50 से 55 सिलिंडरों की व्यवस्था कैसे होगी। अगर जल्द ही व्यवस्था न हुई तो मेडिकल कॉलेज की रसोई ठंडी पड़ सकती है। इससे मरीजों पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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सिलिंडर मांगकर चला रहे काम
रसोई संचालक रामशंकर ने बताया कि शनिवार को उन्हें गैस एजेंसी से पूर्ति विभाग के पत्र के आधार पर कुल दो सिलिंडर दिए गए। खाना बनाने के लिए तीन सिलिंडर लगे, ऐसे में एक सिलिंडर वह किसी जानने वाले से मांगकर लाए। उन्होंने बताया कि वह अपने कई करीबियों के घर से सिलिंडर ला चुके हैं, लेकिन ऐसा कब तक चल पाएगा।
सिलिंडरों की उपलब्धता के लिए पत्र लिखा गया है। अभी जो भी उपलब्धता होगी, उससे ही भोजन तैयार कर मरीजों और तीमारदारों को दिया जाएगा। रसोई का संचालन हर हाल में कराया जाएगा।
-डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मांग सापेक्ष पूर्ति विभाग ने आधे ही सिलिंडर उपलब्ध कराने में मदद करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में जल्द ही यहां संकट खड़ा हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज में औसतन 200 से करीब मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों के साथ-साथ एक तीमारदार को भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए संचालित रसोई में सुबह के नाश्ते के अलावा दोपहर और रात का भोजन तैयार किया जाता है।
रसोई संचालक रामशंकर के अनुसार प्रतिदिन भोजन बनाने के लिए तीन सिलिंडर की जरूरत होती है। ऐसे में प्रतिमाह करीब 90 से 95 सिलिंडरों की जरूरत पड़ती है, लेकिन बीते पांच दिनों से रसोई का संचालन मुश्किल होता जा रहा है। रामशंकर के अनुसार वह किसी तरह सिलिंडर की व्यवस्था कर रहे हैं।
इसी बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से भी सिलिंडर की डिमांड के लिए पत्र लिखा गया था। इसका संज्ञान लेते हुए पूर्ति विभाग ने रसोई संचालक को 40 सिलिंडरों की उपलब्धता के लिए पत्र दिया है। ऐसे में अब संचालक परेशान है कि बाकी के 50 से 55 सिलिंडरों की व्यवस्था कैसे होगी। अगर जल्द ही व्यवस्था न हुई तो मेडिकल कॉलेज की रसोई ठंडी पड़ सकती है। इससे मरीजों पर भी प्रभाव पड़ेगा।
सिलिंडर मांगकर चला रहे काम
रसोई संचालक रामशंकर ने बताया कि शनिवार को उन्हें गैस एजेंसी से पूर्ति विभाग के पत्र के आधार पर कुल दो सिलिंडर दिए गए। खाना बनाने के लिए तीन सिलिंडर लगे, ऐसे में एक सिलिंडर वह किसी जानने वाले से मांगकर लाए। उन्होंने बताया कि वह अपने कई करीबियों के घर से सिलिंडर ला चुके हैं, लेकिन ऐसा कब तक चल पाएगा।
सिलिंडरों की उपलब्धता के लिए पत्र लिखा गया है। अभी जो भी उपलब्धता होगी, उससे ही भोजन तैयार कर मरीजों और तीमारदारों को दिया जाएगा। रसोई का संचालन हर हाल में कराया जाएगा।
-डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।