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Azamgarh News: 1.22 लाख किसान ले सकेंगे सस्ती खाद, बीज और ऋण का लाभ
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आजमगढ़। जिले के 1.22 लाख किसान खाद, बीज और ऋण के हकदार बन गए हैं। सहकारिता विभाग से संचालित सभी योजनाओं में पहले इनको ही लाभ देने के लिए वरीयता दी जाएगी। यह समितियों के दो-दो शेयर भी खरीदें हैं।
किसानों के लिए जिले में 250 साधन सहकारी समितियां संचालित होती हैं। यहां से किसानों को खाद, बीज और ऋण की सुविधा मिलती थी, लेकिन घाटे के चलते बीच में कई समितियां बंद हो गई थीं। इस सरकार में केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद समितियों के दिन फिर बहुरने लगे। सरकार ने जहां इसका नाम बदलकर बहुउद्देशीय प्रारंभिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी पैक्स) कर दिया वहीं, हर समितियों से अधिक से अधिक सदस्य बनाने पर जोर दिया। शासन के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल एक लाख 22 हजार नए सदस्य जोड़े। यह सदस्य अपनी क्षेत्र की समितियों से 100-100 रुपये के दो- दो शेयर खरीदे। यानी 1.22 लाख किसानों ने समितियों के 2.44 करोड़ के शेयर खरीद चुके हैं। इससे समितियां जहां आर्थिक रूप से मजबूत हुईं वहीं, बंद पडीं कई समितियां भी संचालित होने लगीं।
शासन से समिति के पंजीकृत किसानों को ही खाद, बीज और ऋण की सुविधा दिए जाने का निर्देश दिया गया है। इससे सदस्य बने किसानों को अब खेती- बारी में कोई असुविधा नहीं होगी। आसानी से सस्त दामों पर खाद, बीज और ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
जिले के 1.22 लाख किसान सस्ते खाद, बीज और ऋण के हकदार बन चुके हैं। शासन के निर्देश पर विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ सबसे पहले इन्हीं किसानों को वरीयता के आधार पर दिया जाएगा। अन्य किसान भी बी पैक्स के सदस्य बनकर यह लाभ ले सकते हैं।-अजय कुमार, एआर सहकारिता।
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किसानों के लिए जिले में 250 साधन सहकारी समितियां संचालित होती हैं। यहां से किसानों को खाद, बीज और ऋण की सुविधा मिलती थी, लेकिन घाटे के चलते बीच में कई समितियां बंद हो गई थीं। इस सरकार में केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद समितियों के दिन फिर बहुरने लगे। सरकार ने जहां इसका नाम बदलकर बहुउद्देशीय प्रारंभिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी पैक्स) कर दिया वहीं, हर समितियों से अधिक से अधिक सदस्य बनाने पर जोर दिया। शासन के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल एक लाख 22 हजार नए सदस्य जोड़े। यह सदस्य अपनी क्षेत्र की समितियों से 100-100 रुपये के दो- दो शेयर खरीदे। यानी 1.22 लाख किसानों ने समितियों के 2.44 करोड़ के शेयर खरीद चुके हैं। इससे समितियां जहां आर्थिक रूप से मजबूत हुईं वहीं, बंद पडीं कई समितियां भी संचालित होने लगीं।
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शासन से समिति के पंजीकृत किसानों को ही खाद, बीज और ऋण की सुविधा दिए जाने का निर्देश दिया गया है। इससे सदस्य बने किसानों को अब खेती- बारी में कोई असुविधा नहीं होगी। आसानी से सस्त दामों पर खाद, बीज और ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
जिले के 1.22 लाख किसान सस्ते खाद, बीज और ऋण के हकदार बन चुके हैं। शासन के निर्देश पर विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ सबसे पहले इन्हीं किसानों को वरीयता के आधार पर दिया जाएगा। अन्य किसान भी बी पैक्स के सदस्य बनकर यह लाभ ले सकते हैं।-अजय कुमार, एआर सहकारिता।
