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Azamgarh News: सात घंटे तक चली मान-मनौव्वल, 36 घंटे बाद हुआ दादा-पोते का अंतिम संस्कार

Sun, 12 Jul 2026 12:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:25 AM IST
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After seven hours of persuasion, the last rites of the grandfather and grandson were performed 36 hours later.
थाना क्षेत्र के हेवती डीहवा गांव में भूमि विवाद में दादा और पोते की दोहरी हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने करीब 36 घंटे तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
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शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की करीब सात घंटे चली वार्ता के बाद निष्पक्ष जांच, सख्त कार्रवाई और हरसंभव सरकारी सहायता के आश्वासन पर परिजन राजी हुए। इसके बाद दोनों का अंतिम संस्कार दुर्वासा धाम में किया गया। एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी की एक कंपनी तथा पवई, दीदारगंज और फूलपुर की पुलिस तैनात रही।
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शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद जगदंबा प्रसाद यादव और उनके पोते श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित के शव घर पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। अंकित की मां रविंद्रा बेटे को पुकारते-पुकारते बेसुध हो गईं, जबकि लगातार रोने से उनका गला बैठ गया। घटना के शोक में गांव के कई घरों में शुक्रवार को चूल्हे तक नहीं जले।
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परिजनों ने परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार सुबह उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी किरण पाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष पवई मनीष पाल, थानाध्यक्ष दीदारगंज जयप्रकाश यादव समेत अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। करीब सात घंटे तक चली वार्ता में विधायक रमाकांत यादव की पत्नी डॉ. रंजना यादव, विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव और पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव के भाई शेर बहादुर यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच, आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद जगदंबा प्रसाद यादव और श्रीवांशु उर्फ अंकित का दुर्वासा धाम में पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद गांव में अब भी तनाव का माहौल है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
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