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Bahraich News: तराई में कोहरे की चादर, मार्च में दिसंबर जैसी सुबह
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नवाबगंज क्षेत्र में सुबह के समय छाया कोहरा।
- फोटो : नवाबगंज क्षेत्र में सुबह के समय छाया कोहरा।
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बहराइच/शिवपुर/नवाबगंज। तराई में इस बार मौसम अप्रत्याशित रूप से करवट ले रहा है। मार्च महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं शिवपुर व नवाबगंज के साथ जिले के अधिकांश हिस्सों में तीन दिनों से सुबह घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह भी कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। इससे वाहन सवारों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह के समय आवागमन भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रहा।
हालांकि, सुबह करीब आठ बजे धूप निकलने से मौसम कुछ साफ हुआ। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और कोहरे के कारण सुबह का माहौल दिसंबर-जनवरी जैसा महसूस हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार इस समय उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से तराई क्षेत्र में बादल, हल्की ठंडक और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है।
सजग रहें किसान, खेती पर हो सकता है असर
कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सूर्यबली सिंह ने बताया कि मौसम में इस तरह के बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गेहूं और दलहनी फसलों में नमी का संतुलन बनाए रखें और रोग-कीटों की नियमित निगरानी करते रहें। उन्होंने कहा कि यदि सुबह अधिक नमी और कोहरा बना रहता है तो फसलों में फफूंद जनित रोगों की संभावना बढ़ सकती है। किसान समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
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हालांकि, सुबह करीब आठ बजे धूप निकलने से मौसम कुछ साफ हुआ। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और कोहरे के कारण सुबह का माहौल दिसंबर-जनवरी जैसा महसूस हो रहा है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार इस समय उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से तराई क्षेत्र में बादल, हल्की ठंडक और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है।
सजग रहें किसान, खेती पर हो सकता है असर
कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सूर्यबली सिंह ने बताया कि मौसम में इस तरह के बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गेहूं और दलहनी फसलों में नमी का संतुलन बनाए रखें और रोग-कीटों की नियमित निगरानी करते रहें। उन्होंने कहा कि यदि सुबह अधिक नमी और कोहरा बना रहता है तो फसलों में फफूंद जनित रोगों की संभावना बढ़ सकती है। किसान समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।