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Bahraich News: महिला सिपाही ने आत्महत्या से पहले देखा गृहप्रवेश, परिवार से हंसकर की बात
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आत्महत्या करने वाली सिपाही व पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन।
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बहराइच। हुजूरपुर थाना परिसर में स्थित सरकारी आवास में महिला सिपाही ज्योति पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला मंगलवार को और भी रहस्यमय हो गया। पोस्टमार्टम से पहले पहुंचे परिजनों ने बेटी की मौत पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उधर, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फंदे से लटकने से पहले ज्योति ने करीब छह मिनट तक किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत की थी। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और कुछ देर बाद उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।
महाराजगंज जिले के नौतनवा थाना के रामनगर गांव निवासी महिला सिपाही ज्योति पासवान का शव सोमवार शाम हुजूरपुर थाने के परिसर स्थित कमरे में फंदे से लटका मिला था। मंगलवार सुबह उसके पिता अशोक कुमार, मां शकुंतला, बहन अंजलि तथा भाई धीरज और प्रिंस बहराइच पहुंचे। सभी सुबह से पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पिता अशोक कुमार ने बताया कि ज्योति परिवार की सबसे बड़ी संतान थीं। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाली और परिवार की स्थिति मजबूत की। छोटी बेटी अंजलि पुणे में आईटी सेक्टर में कार्यरत है। दोनों बेटियों की मेहनत से परिवार ने हाल ही में कानपुर के पनकी क्षेत्र में जमीन खरीदकर मकान बनवाया था और पूरा परिवार वहीं शिफ्ट हो गया था।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को नए मकान में गृहप्रवेश का कार्यक्रम था। ज्योति ड्यूटी पर होने के कारण नहीं आ सकीं, लेकिन उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से पूरे कार्यक्रम को देखा और परिवार के सभी सदस्यों से हंसते-बोलते बातचीत की। शाम करीब चार बजे उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद शाम करीब सात बजे सूचना मिली कि वह अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली हैं। परिजनों का कहना है कि बेटी खुश थी और भविष्य की योजनाएं बना रही थी। ऐसे में उसकी मौत सामान्य आत्महत्या नहीं लगती। हालांकि, उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी है।
पिता बोले- शादी लगभग तय थी, फिर ऐसा कदम क्यों उठाया
पिता अशोक कुमार ने बताया कि ज्योति की शादी की बातचीत चल रही थी और रिश्ता लगभग तय हो चुका था। परिवार गृहप्रवेश और शादी जैसी खुशियों की तैयारी में जुटा था। ऐसे में बेटी के आत्मघाती कदम उठाने की कोई वजह समझ में नहीं आ रही। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सर्विलांस टीम खंगाल रही कड़ी
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से ठीक पहले ज्योति ने किसी व्यक्ति से लगभग छह मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। बातचीत समाप्त होने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। सर्विलांस टीम मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अंतिम बातचीत किससे हुई और उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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महाराजगंज जिले के नौतनवा थाना के रामनगर गांव निवासी महिला सिपाही ज्योति पासवान का शव सोमवार शाम हुजूरपुर थाने के परिसर स्थित कमरे में फंदे से लटका मिला था। मंगलवार सुबह उसके पिता अशोक कुमार, मां शकुंतला, बहन अंजलि तथा भाई धीरज और प्रिंस बहराइच पहुंचे। सभी सुबह से पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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पिता अशोक कुमार ने बताया कि ज्योति परिवार की सबसे बड़ी संतान थीं। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाली और परिवार की स्थिति मजबूत की। छोटी बेटी अंजलि पुणे में आईटी सेक्टर में कार्यरत है। दोनों बेटियों की मेहनत से परिवार ने हाल ही में कानपुर के पनकी क्षेत्र में जमीन खरीदकर मकान बनवाया था और पूरा परिवार वहीं शिफ्ट हो गया था।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को नए मकान में गृहप्रवेश का कार्यक्रम था। ज्योति ड्यूटी पर होने के कारण नहीं आ सकीं, लेकिन उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से पूरे कार्यक्रम को देखा और परिवार के सभी सदस्यों से हंसते-बोलते बातचीत की। शाम करीब चार बजे उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद शाम करीब सात बजे सूचना मिली कि वह अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली हैं। परिजनों का कहना है कि बेटी खुश थी और भविष्य की योजनाएं बना रही थी। ऐसे में उसकी मौत सामान्य आत्महत्या नहीं लगती। हालांकि, उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी है।
पिता बोले- शादी लगभग तय थी, फिर ऐसा कदम क्यों उठाया
पिता अशोक कुमार ने बताया कि ज्योति की शादी की बातचीत चल रही थी और रिश्ता लगभग तय हो चुका था। परिवार गृहप्रवेश और शादी जैसी खुशियों की तैयारी में जुटा था। ऐसे में बेटी के आत्मघाती कदम उठाने की कोई वजह समझ में नहीं आ रही। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सर्विलांस टीम खंगाल रही कड़ी
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से ठीक पहले ज्योति ने किसी व्यक्ति से लगभग छह मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। बातचीत समाप्त होने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। सर्विलांस टीम मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अंतिम बातचीत किससे हुई और उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

आत्महत्या करने वाली सिपाही व पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन।