बलिया। मौसम में बदलाव से जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सांस की परेशानी वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। 100 मरीजों में 25 से ज्यादा लोग सांस फूलने से पीड़ित होकर पहंुच रहे। प्रतिदिन ऐसे 15 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा। इमरजेंसी वार्ड व मेडिकल वार्ड दो दिन से फुल हैं।
बुधवार की दोपहर बाद कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। इससे मौसम में सिहरन बढ़ी है। बच्चा वार्ड में सीने में जकड़न व सांस की परेशानी वाले आठ बच्चे भर्ती रहे। चिकित्सक बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। दोपहर 1.30 बजे तक ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। करीब 413 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 25 प्रतिशत से ज्यादा मरीज सांस, जुकाम, खांसी, तेज बुखार वाले रहे। तापमान में बढ़ने के साथ सुबह शाम गुलाबी ठंड व दिन में गर्मी सेहत खराब कर रही है।
बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया एवं कोल्ड डायरिया, कफ जमने से छाती में जकड़न की परेशानी वाले ज्यादा मरीज आ रहे हैं। फिजिशियन डॉक्टर पंकज झा ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों के साथ बुजुर्गों की देखभाल जरूरी है। अस्थमा, बीपी व शुगर वाले मरीजों के लिए यह मौसम खतरनाक है। बजुर्गों में सांस की परेशानी ज्यादा हो रही है। आर्थो सर्जन डाॅ. संतोष चौधरी ने गर्म पानी से जोड़ों की सिकाई करने की सलाह दी। बालरोग डाॅ. विनेश कुमार ने बताया कि बच्चों को सुबह-शाम फुल बांह के कपड़े पहनाएं। थोड़ी सी भी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श पर दवा का सेवन करें। संंवाद