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Balrampur News: ओवरब्रिज निर्माण से पहले 3.18 करोड़ से हटेंगे बिजली के पोल
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:31 PM IST
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फोटो-9-बलरामपुर के झारखंडी रेलवे क्रासिंग के पास लगे बिजली के खंभे।-संवाद
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बलरामपुर। शहर में जाम की समस्या से आम लोगों को राहत देने का प्रयास परवान चढ़ते दिख रही है। झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए तय किए गए 292 बजट के साथ ही निर्माण की बाधा दूर करने की कवायद भी तेज हो गई है। निर्माण से पहले शहर के भीतर बहराइच-तुलसीपुर मार्ग के दोनों तरफ से बिजली के पोल हटाए जाने हैं। इसके लिए 3 करोड़ 18 लाख के बजट की स्वीकृति हुई है।
शहर में ओवरब्रिज बनाने के लिए वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने काफी प्रयास किया। कार्य योजना बनी कि मछली आकार का ओवरब्रिज बने, जिससे ज्यादा दिक्कत न हो। लेकिन एनएचएआई ने फोरलेन से कम के ओवरब्रिज निर्माण कराने को तैयार नहीं था। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मौके की जांच की। उन्होंने प्रयास किया और 18 दिसंबर 2025 को एनएचएआई ने शहर के भाग को अपने दायरे से मुक्त कर दिया। इसके बाद निर्माण की कवायद अब तेज हुई है। निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति के बाद अब बिजली के पोल हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता अजय सिंह ने बताया कि सेतु निगम को रिपोर्ट दे दी गई है। वहां से बजट का प्रावधान किया गया है।
दो भागों में बंटा है शहर
झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज न होने से शहर दो भागों में बंटा नजर आ रहा है। दिन में करीब आठ बार यह क्राॅसिंग बंद होती है। इससे अक्सर जाम का सामना शहर के लोगों को करना पड़ता है। शहर के डीपी सिंह ने बताया ओवरब्रिज के निर्माण की कवायद लंबे समय से हो रही थी। अब जब मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है तो सपना पूरा होते दिख रहा है। इसी तरह सिविल लाइन की ललिता सिंह ने कहा कि वीर विनय चौराहे से कलेक्ट्रेट की तरफ जाना काफी मुश्किल भरा रहता है। क्राॅसिंग तो बंद होती ही थी, बस अड्डा पास में होने से भी जाम लगता था। ओवरब्रिज ही एकमात्र निदान है। उम्मीद जताई कि जल्द ही निर्माण अब पूरा होगा।
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शहर में ओवरब्रिज बनाने के लिए वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने काफी प्रयास किया। कार्य योजना बनी कि मछली आकार का ओवरब्रिज बने, जिससे ज्यादा दिक्कत न हो। लेकिन एनएचएआई ने फोरलेन से कम के ओवरब्रिज निर्माण कराने को तैयार नहीं था। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मौके की जांच की। उन्होंने प्रयास किया और 18 दिसंबर 2025 को एनएचएआई ने शहर के भाग को अपने दायरे से मुक्त कर दिया। इसके बाद निर्माण की कवायद अब तेज हुई है। निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति के बाद अब बिजली के पोल हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता अजय सिंह ने बताया कि सेतु निगम को रिपोर्ट दे दी गई है। वहां से बजट का प्रावधान किया गया है।
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दो भागों में बंटा है शहर
झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज न होने से शहर दो भागों में बंटा नजर आ रहा है। दिन में करीब आठ बार यह क्राॅसिंग बंद होती है। इससे अक्सर जाम का सामना शहर के लोगों को करना पड़ता है। शहर के डीपी सिंह ने बताया ओवरब्रिज के निर्माण की कवायद लंबे समय से हो रही थी। अब जब मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है तो सपना पूरा होते दिख रहा है। इसी तरह सिविल लाइन की ललिता सिंह ने कहा कि वीर विनय चौराहे से कलेक्ट्रेट की तरफ जाना काफी मुश्किल भरा रहता है। क्राॅसिंग तो बंद होती ही थी, बस अड्डा पास में होने से भी जाम लगता था। ओवरब्रिज ही एकमात्र निदान है। उम्मीद जताई कि जल्द ही निर्माण अब पूरा होगा।