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देवीपाटन मेला : शुभांरभ आज, दो जोन और 12 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र
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-बलरामपुर में रंगीन झालरों से सजाया गया शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर।-संवाद
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तुलसीपुर। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर देवीपाटन मंदिर में बुधवार से देवीपाटन मेले का शुभारंभ होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए इस बार विशेष प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र को दो जोन और 12 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सीसीटीवी कैमरों के साथ ही 1975 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, जाे हर पल निगरानी करेंगे।
इस बार मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को केंद्र में रखकर ही व्यापक इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले ही दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है, जिससे पूरा इलाका भक्ति और आस्था के वातावरण में सराबोर हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, बिजली की आकर्षक लड़ियों और नवीन रंग-रोगन से भव्य रूप से सजाया गया है।
रात के समय मंदिर की मनमोहक रोशनी दूर से ही भक्तों को आकर्षित करती है। कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को तपती हुई जमीन से राहत देने के लिए पूरे पंक्ति मार्ग पर विशेष मैट बिछाए गए हैं, ताकि उनके पैरों को जलन और छाले से बचाया जा सके। भीषण धूप और उमस को देखते हुए बड़े-बड़े टेंट लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु छाया में आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकें।
पेयजल और स्वच्छता के रहेंगे बेहतर इंतजाम
पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए जगह-जगह पानी के टैंकर और स्टॉल लगाए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए नगर पंचायत और ब्लॉक प्रशासन की ओर से लगभग 400 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे मंदिर और मेला परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखने में लगे रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो स्थायी सार्वजनिक शौचालयों के अलावा करीब 20 मोबाइल टॉयलेट भी विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल, पीएसी, फायर विभाग, एलआईयू, फ्लड पुलिस और जल पुलिस की टीमें शामिल हैं। साथ ही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता भी लगातार गश्त करेगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस बल के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए जगह-जगह पुलिस और स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
माता सती का गिरा था बायां कंधा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहां माता सती का वाम अंग (बायां कंधा) गिरा था, जिसके कारण इस धाम की विशेष महिमा है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। परंपरा के अनुसार शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी बृहस्पतिवार को प्रातः लगभग पांच बजे गर्भगृह में पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। विधि-विधान से कलश स्थापना कर नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ कराएंगे। पीठाधीश्वर ने कहा कि मां पाटेश्वरी की कृपा से यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से इस बार श्रद्धालुओं को और अधिक सुगमता से दर्शन का अवसर मिलेगा।
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इस बार मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को केंद्र में रखकर ही व्यापक इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले ही दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है, जिससे पूरा इलाका भक्ति और आस्था के वातावरण में सराबोर हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, बिजली की आकर्षक लड़ियों और नवीन रंग-रोगन से भव्य रूप से सजाया गया है।
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रात के समय मंदिर की मनमोहक रोशनी दूर से ही भक्तों को आकर्षित करती है। कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को तपती हुई जमीन से राहत देने के लिए पूरे पंक्ति मार्ग पर विशेष मैट बिछाए गए हैं, ताकि उनके पैरों को जलन और छाले से बचाया जा सके। भीषण धूप और उमस को देखते हुए बड़े-बड़े टेंट लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु छाया में आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकें।
पेयजल और स्वच्छता के रहेंगे बेहतर इंतजाम
पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए जगह-जगह पानी के टैंकर और स्टॉल लगाए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए नगर पंचायत और ब्लॉक प्रशासन की ओर से लगभग 400 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे मंदिर और मेला परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखने में लगे रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो स्थायी सार्वजनिक शौचालयों के अलावा करीब 20 मोबाइल टॉयलेट भी विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल, पीएसी, फायर विभाग, एलआईयू, फ्लड पुलिस और जल पुलिस की टीमें शामिल हैं। साथ ही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता भी लगातार गश्त करेगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस बल के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए जगह-जगह पुलिस और स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
माता सती का गिरा था बायां कंधा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहां माता सती का वाम अंग (बायां कंधा) गिरा था, जिसके कारण इस धाम की विशेष महिमा है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। परंपरा के अनुसार शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी बृहस्पतिवार को प्रातः लगभग पांच बजे गर्भगृह में पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। विधि-विधान से कलश स्थापना कर नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ कराएंगे। पीठाधीश्वर ने कहा कि मां पाटेश्वरी की कृपा से यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से इस बार श्रद्धालुओं को और अधिक सुगमता से दर्शन का अवसर मिलेगा।