सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   FIR lodged against clerks and middleman for allegedly extorting 1.40 lakh in Anganwadi selection In Balrampur

UP News: आंगनबाड़ी चयन में भ्रष्टाचार... की गई 1.40 लाख की उगाही, दो बाबू और बिचौलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज

अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 30 Jan 2026 04:07 PM IST
विज्ञापन
सार

यूपी के बलरामपुर में तुलसीपुर सीडीपीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। मामले में दो लिपिकों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है। साथ ही बिचौलिया समेत तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

FIR lodged against clerks and middleman for allegedly extorting 1.40 lakh in Anganwadi selection In Balrampur
बलरामपुर के तुलसीपुर स्थिति सीडीपीओ कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

यूपी के बलरामपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। तुलसीपुर के ग्राम लालबोझी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान चयन के नाम पर अवैध धन वसूली की गई। 

Trending Videos


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए रूबी सिंह से सीडीपीओ कार्यालय के दो बाबूओं ने एक बिचौलिए के माध्यम से 1.40 लाख रुपये की रिश्वत ली। शिकायत पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने जांच कराई। इसमें आरोपों की पुष्टि हुई। डीपीओ इफ्तखार अहमद ने परियोजना के दो बाबुओं और बिचौलिये के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंगनबाड़ी चयन में धन उगाही की शिकायत रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने पांच सदस्यीय जांच समिति में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा तथा सीडीपीओ बलरामपुर देहात को शामिल किया गया। 

डीपीओ ने बताया कि जांच समिति की जांच में यह तथ्य सामने आया कि परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद एवं जिले में तैनात तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू रामसूचित वर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन के लिए एक लाख चालीस हजार रुपये की धनराशि ली। 

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस पूरे प्रकरण में बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल की सक्रिय व महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसने धनराशि के लेन-देन में मध्यस्थता की। जांच समिति ने अपनी संस्तुति में यह भी कहा है कि चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के आय प्रमाण पत्र की तहसील स्तर से पुनः जांच कराई जाए। ताकि, यह सुनिश्चित किया जा सके कि चयन प्रक्रिया नियमों एवं पात्रता मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए। डीपीओ ने बताया कि मामले में परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद, पटल बाबू रामसूचित वर्मा तथा बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई है। साथ ही दोनों बाबुओं के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रचलित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed