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Balrampur News: डेंगू से जंग लड़ने के लिए अस्पतालों में किए जा रहे विशेष इंतजाम
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बलरामपुर के सीएचसी शिवपुरा में बना डेंगू वार्ड।-संवाद
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बलरामपुर। गर्मी का दौर शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व टायफाइड का खतरा भी बढ़ गया है। मच्छरजनित बीमारियों से मरीजों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए जिला व ग्रामीण अस्पतालों में डेंगू वार्ड बना दिए गए हैं। वार्ड में मच्छरदानी युक्त बेड व आवश्यक दवाएं आरक्षित कर दी गई हैं।
गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने पर मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप देखने को मिलता है। संक्रामक रोगों से जंग लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष इंतजाम में जुट गया है। स्पेशल डेंगू वार्ड बनाने के साथ ही आवश्यक दवाएं व स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में अधीक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी ने डेंगू वार्ड में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी, मच्छररोधी दवा व अन्य संसाधनों की जांच की। इसी तरह शिवपुरा के अधीक्षक डॉ. रजत शुक्ल ने बताया कि सीएचसी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
मस्तिष्क ज्वर के मिल चुके हैं 73 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में अब तक मस्तिष्क ज्वर के 73 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से जापानी इंसेफेलाइटिस के 16, डेंगू के 37, चिकनगुनिया के चार, स्क्रब टाइफस के 10 व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम के 19 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि इस वर्ष में अभी तक डेंगू के मरीज नहीं पाए गए हैं।
ये हैं डेंगू के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार ही होता है। डेंगू में 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार रहता है। सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है। ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होने लगते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। बताया कि मच्छर जनित बीमारी डेंगू होने से लोगों के शरीर में तेजी से प्लेटलेट़्स कम हो जाती है।
सभी अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड आरक्षित किए गए हैं। जिला अस्पताल में 10-10 बेड व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड मच्छरदानी युक्त आरक्षित कर दिए गए हैं। यदि डेंगू के मरीज मिलते है तो भर्ती कर इलाज शुरू कराया जाएगा।
-- डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, नोडल संचारी रोग/एसीएमओ बलरामपुर
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गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने पर मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप देखने को मिलता है। संक्रामक रोगों से जंग लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष इंतजाम में जुट गया है। स्पेशल डेंगू वार्ड बनाने के साथ ही आवश्यक दवाएं व स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में अधीक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी ने डेंगू वार्ड में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी, मच्छररोधी दवा व अन्य संसाधनों की जांच की। इसी तरह शिवपुरा के अधीक्षक डॉ. रजत शुक्ल ने बताया कि सीएचसी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
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मस्तिष्क ज्वर के मिल चुके हैं 73 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में अब तक मस्तिष्क ज्वर के 73 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से जापानी इंसेफेलाइटिस के 16, डेंगू के 37, चिकनगुनिया के चार, स्क्रब टाइफस के 10 व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम के 19 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि इस वर्ष में अभी तक डेंगू के मरीज नहीं पाए गए हैं।
ये हैं डेंगू के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार ही होता है। डेंगू में 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार रहता है। सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है। ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होने लगते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। बताया कि मच्छर जनित बीमारी डेंगू होने से लोगों के शरीर में तेजी से प्लेटलेट़्स कम हो जाती है।
सभी अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड आरक्षित किए गए हैं। जिला अस्पताल में 10-10 बेड व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड मच्छरदानी युक्त आरक्षित कर दिए गए हैं। यदि डेंगू के मरीज मिलते है तो भर्ती कर इलाज शुरू कराया जाएगा।