{"_id":"69b839bb438c254c8409d745","slug":"the-overbridge-got-a-construction-response-due-to-the-cms-question-balrampur-news-c-99-1-slko1029-144546-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: सीएम के सवाल से ओवरब्रिज को मिला निर्माण का जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: सीएम के सवाल से ओवरब्रिज को मिला निर्माण का जवाब
विज्ञापन
बलरामपुर के झारखंडी रेलवे क्रासिंग पर लगे जाम में फंसे लोग ।-संवाद
विज्ञापन
बलरामपुर। मुख्यमंत्री की विकास योजनाओं को लेकर सख्त और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। करीब एक महीने से शासन स्तर पर लंबित झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना को मुख्यमंत्री की फटकार के बाद तेजी से आगे बढ़ाया गया। 292 करोड़ रुपये के बजट को व्यय वित्त समिति ने स्वीकृति भी दे दी। इससे जिला मुख्यालय को अब जाम जैसी समस्या से मुक्ति की उम्मीद जग गई है।
इस परियोजना की फाइल लगभग एक महीने से व्यय वित्त समिति में लंबित थी। 11 मार्च को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पता चला कि परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सीधे सवाल किया कि अब तक स्वीकृति क्यों नहीं दी गई। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर देख शासन स्तर पर हलचल मची। फाइल को तत्काल खोजकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पूरी रात चली कवायद के बाद 12 मार्च को व्यय वित्त समिति ने प्रस्तावित लागत 302 करोड़ में से करीब 292 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। इसके बाद प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए 14 मार्च को लोक निर्माण विभाग के सेतु विंग के प्रमुख अभियंता ने स्वीकृत बजट को अनुमोदन के लिए मंत्री परिषद को भेज दिया।
परियोजना की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए इसे कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में बजट आवंटन को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। यदि ऐसा होता है तो इसी महीने प्रक्रिया पूरी कर अप्रैल से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें अब कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं।
समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान सदर विधायक पल्टूराम और नगर पालिका परिषद बलरामपुर के चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने झारखंडी ओवरब्रिज के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और बजट स्वीकृति का इंतजार है। यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से तत्काल बातचीत कर परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति
झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यहां दिनभर ट्रेनों के आवागमन के कारण लंबा जाम लगा रहता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने से शहर के यातायात को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के विकास और आवागमन को भी नई गति मिलेगी।
झारखंडी ओवरब्रिज एक नजर में
प्रस्तावित लागत : 302.19 करोड़
स्वीकृत बजट: 292.21 करोड़
लागत में कटौती: 9.97 करोड़
एनएचएआई से अनुमति: 18 दिसंबर 2025
व्यय वित्त समिति की स्वीकृति: 12 मार्च 2026
कैबिनेट में अनुमोदन के लिए प्रेषित प्रस्ताव: 14 मार्च
(संवाद)
Trending Videos
इस परियोजना की फाइल लगभग एक महीने से व्यय वित्त समिति में लंबित थी। 11 मार्च को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पता चला कि परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सीधे सवाल किया कि अब तक स्वीकृति क्यों नहीं दी गई। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर देख शासन स्तर पर हलचल मची। फाइल को तत्काल खोजकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पूरी रात चली कवायद के बाद 12 मार्च को व्यय वित्त समिति ने प्रस्तावित लागत 302 करोड़ में से करीब 292 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। इसके बाद प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए 14 मार्च को लोक निर्माण विभाग के सेतु विंग के प्रमुख अभियंता ने स्वीकृत बजट को अनुमोदन के लिए मंत्री परिषद को भेज दिया।
परियोजना की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए इसे कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में बजट आवंटन को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। यदि ऐसा होता है तो इसी महीने प्रक्रिया पूरी कर अप्रैल से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें अब कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं।
समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान सदर विधायक पल्टूराम और नगर पालिका परिषद बलरामपुर के चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने झारखंडी ओवरब्रिज के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और बजट स्वीकृति का इंतजार है। यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से तत्काल बातचीत कर परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति
झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यहां दिनभर ट्रेनों के आवागमन के कारण लंबा जाम लगा रहता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने से शहर के यातायात को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के विकास और आवागमन को भी नई गति मिलेगी।
झारखंडी ओवरब्रिज एक नजर में
प्रस्तावित लागत : 302.19 करोड़
स्वीकृत बजट: 292.21 करोड़
लागत में कटौती: 9.97 करोड़
एनएचएआई से अनुमति: 18 दिसंबर 2025
व्यय वित्त समिति की स्वीकृति: 12 मार्च 2026
कैबिनेट में अनुमोदन के लिए प्रेषित प्रस्ताव: 14 मार्च
(संवाद)
