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Balrampur News: मेडिकल कॉलेज में संसाधन बढ़ाने के लिए मिले ढाई करोड़
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बलरामपुर में स्थित मेडिकल कॉलेज।-संवाद
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बलरामपुर। अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा संसाधन बढ़ाने के लिए ढाई करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया गया। गैर वेतन मद से मिली इस धनराशि का उपयोग संयुक्त जिला चिकित्सालय में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने में किया जाएगा। इससे जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
जिले में मेडिकल कॉलेज भवन तैयार होने के बावजूद अब तक नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है। हालांकि शासन स्तर से संयुक्त जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। अब तक तीन किस्तों में 10 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। अक्तूबर में पांच करोड़ रुपये, जनवरी में ढाई करोड़ रुपये और अब वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को फिर ढाई करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जारी बजट से संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओटी, वार्ड, इमरजेंसी कक्ष और प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। अस्पताल की लैब को हाईटेक बनाते हुए इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में परिवर्तित किया गया है, जिससे पहले की तुलना में अधिक मरीजों के सैंपल की जांच संभव हो रही है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर में उपकरण बढ़ाए गए हैं और वार्डों में बेड व अन्य सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में 10 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) तथा छह बेड का इनटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) भी स्थापित किया गया है। इन यूनिटों के संचालन से गंभीर मरीजों को रेफर करने की आवश्यकता कम होगी और जिले में ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा ब्लड बैंक की मरम्मत, अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई तथा मेडिकल कॉलेज के नाम से बोर्ड, बैनर, पोस्टर और वॉल पेंटिंग का कार्य भी कराया गया है।
सीएम के निर्देश पर तेज हुई कवायद
बीते दिनों मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज का संचालन जल्द शुरू करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी संसाधन जुटाने और आधारभूत ढांचा विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। शैक्षिक सत्र 2027-28 से एमबीबीएस की 50 सीटों पर पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैकल्टी, उपकरण, वार्ड क्षमता और अन्य मानकों को पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है।
मानक पूरे करने की तैयारी
बजट से संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। साथ ही मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक सभी मानकों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो सके।
- प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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जिले में मेडिकल कॉलेज भवन तैयार होने के बावजूद अब तक नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है। हालांकि शासन स्तर से संयुक्त जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। अब तक तीन किस्तों में 10 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। अक्तूबर में पांच करोड़ रुपये, जनवरी में ढाई करोड़ रुपये और अब वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को फिर ढाई करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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जारी बजट से संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओटी, वार्ड, इमरजेंसी कक्ष और प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। अस्पताल की लैब को हाईटेक बनाते हुए इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में परिवर्तित किया गया है, जिससे पहले की तुलना में अधिक मरीजों के सैंपल की जांच संभव हो रही है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर में उपकरण बढ़ाए गए हैं और वार्डों में बेड व अन्य सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में 10 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) तथा छह बेड का इनटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) भी स्थापित किया गया है। इन यूनिटों के संचालन से गंभीर मरीजों को रेफर करने की आवश्यकता कम होगी और जिले में ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा ब्लड बैंक की मरम्मत, अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई तथा मेडिकल कॉलेज के नाम से बोर्ड, बैनर, पोस्टर और वॉल पेंटिंग का कार्य भी कराया गया है।
सीएम के निर्देश पर तेज हुई कवायद
बीते दिनों मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज का संचालन जल्द शुरू करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी संसाधन जुटाने और आधारभूत ढांचा विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। शैक्षिक सत्र 2027-28 से एमबीबीएस की 50 सीटों पर पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैकल्टी, उपकरण, वार्ड क्षमता और अन्य मानकों को पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है।
मानक पूरे करने की तैयारी
बजट से संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। साथ ही मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक सभी मानकों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो सके।
- प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज