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Banda News: वीडियो शेयरिंग मामले में मुख्य गवाह के हुए बयान, पेशी में नहीं आया इंजीनियर आकिफ
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:13 AM IST
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फोटो- 19 पेशी में न्यायालय जाता दोषी जेई रामभवन। संवाद
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बांदा। बहुचर्चित बच्चों के यौन शोषण के दोषी निलंबित जेई रामभवन और दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के बीच वीडियो शेयरिंग के मामले में पाक्सो न्यायालय में मंगलवार को सुनवाई हुई। यहां सीबीआई की तरफ से इस प्राथमिकी दर्ज के मुख्य गवाह बैंक अधिकारी को पेश किया गया। न्यायालय में उसकी गवाही कराई गई। उधर, पेशी में मोहम्मद आकिफ की तरफ से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। जिस पर न्यायालय ने अगली तारीख सात अप्रैल दी है। पेशी में फांसी की सजा पाए दोषी जेई रामभवन को भी जेल से न्यायालय लाया गया था।
बच्चों के यौन शोषण के दोषी रामभवन और दिल्ली के इंजीनियर आकिफ के बीच अश्लील वीडियो शेयरिंग का मामला पाक्सो न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ को पेश होना था लेकिन उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में हाजिरी माफी की अर्जी लगाकर तारीख की गुजारिश की। जिस पर न्यायालय ने अब इस प्राथमिकी दर्ज की तारीख सात अप्रैल निर्धारित की है। इसके पूर्व आकिफ 13 मार्च को नियत पेशी में भी उपस्थित नहीं हुआ था। आकिफ पर ई-मेल के जरिए अश्लील सामग्री प्राप्त करने और उसे विभिन्न देशों व शहरों में ग्राहकों को बेचने व लाखों कमाने का आरोप है। पेशी में जेल से दोषी रामभवन को लाया गया। उसने न्यायालय में हाजिर होकर अपनी हाजिरी दी है।
उधर, सीबीआई लोक अभियोजक धारा सिंह ने 67बी आईटी एक्ट के इस मामले में मुख्य गवाह बागपत, कैनरा बैंक रीजनल बैंक अधिकारी मनोज गौतम को पेश किया। न्यायालय में उनकी तकरीबन चार से पांच घंटे तक बयान लिए गए। जिस पर बैंक अधिकारी ने सीबीआई की ओर से मोहम्मद आकिफ के घर व ऑफिस से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पुष्टि की है।
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न्यायालय में प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
बांदा। पाक्सो न्यायालय में मंगलवार को सीबीआई अभियोजन अधिकारी की ओर से प्रस्तुत किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मुख्य गवाह बागपत, कैनरा बैंक रीजनल बैंक अधिकारी मनोज गौतम ने न्यायालय के समक्ष पुष्टि की। गवाह ने बताया कि नौ फरवरी 2021 को सीबीआई के अधिकारियों ने जब गीता कॉलोनी में छापा मारा था, तब वह भी उनके साथ मौजूद थे। वहां दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के बेडरूम और ऑफिस से एक पेन ड्राइव, दो लैपटॉप क्रमश: लाल और काले रंग के, तीन मोबाइल फोन व तीन सिम मिले थे। सीबीआई अभियोजन अधिकारी ने सभी सामग्री को सील बंद अलग-अलग लिफाफों से खोलकर न्यायालय में दिखाया तो गवाह ने इन उपकरणों की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सभी सामग्री उनके सामने ही सीबीआई अधिकारियों ने बरामद कर सील बंद की थी।
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फांसी टलवाने को हाईकोर्ट में दायर की याचिका, सुनवाई 15 अप्रैल को
बच्चों के यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने दंपती को सुनाई थी फांसी की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बच्चों के साथ यौन शोषण के दोषी जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती की फांसी की सजा टलवाने के लिए रामभवन के भाई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है। हाईकोर्ट ने दाखिल अपील सुनवाई के लिए स्वीकार्य कर ली है। इसकी सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी। बता दें कि इस मामले में दंपती को 20 फरवरी 2026 को बांदा पाक्सो न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों मंडल कारागार बांदा में निरुद्ध हैं।
रामभवन के अधिवक्ता भूरा निषाद ने बताया कि 17 मार्च को दंपती को फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल हो गई है। मामले की पैरवी अधिवक्ता संजीव शर्मा और पूजा अग्रवाल कर रहे हैं। इसकी सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
बता दें कि जनपद चित्रकूट के सिंचाई विभाग से निलंबित हुए जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने 33 बच्चों के साथ यौन शोषण करने व अश्लील वीडियो 47 देशों में बेचने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में जेई व उसकी पत्नी को विशेष न्यायालय पाक्सो के न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा ने दंपती को दोषी पाते हुए 20 फरवरी को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले में रामभवन के भाई ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। जो मंजूर हो गई है। इसकी सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी।
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बच्चों के यौन शोषण के दोषी रामभवन और दिल्ली के इंजीनियर आकिफ के बीच अश्लील वीडियो शेयरिंग का मामला पाक्सो न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ को पेश होना था लेकिन उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में हाजिरी माफी की अर्जी लगाकर तारीख की गुजारिश की। जिस पर न्यायालय ने अब इस प्राथमिकी दर्ज की तारीख सात अप्रैल निर्धारित की है। इसके पूर्व आकिफ 13 मार्च को नियत पेशी में भी उपस्थित नहीं हुआ था। आकिफ पर ई-मेल के जरिए अश्लील सामग्री प्राप्त करने और उसे विभिन्न देशों व शहरों में ग्राहकों को बेचने व लाखों कमाने का आरोप है। पेशी में जेल से दोषी रामभवन को लाया गया। उसने न्यायालय में हाजिर होकर अपनी हाजिरी दी है।
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उधर, सीबीआई लोक अभियोजक धारा सिंह ने 67बी आईटी एक्ट के इस मामले में मुख्य गवाह बागपत, कैनरा बैंक रीजनल बैंक अधिकारी मनोज गौतम को पेश किया। न्यायालय में उनकी तकरीबन चार से पांच घंटे तक बयान लिए गए। जिस पर बैंक अधिकारी ने सीबीआई की ओर से मोहम्मद आकिफ के घर व ऑफिस से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पुष्टि की है।
न्यायालय में प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
बांदा। पाक्सो न्यायालय में मंगलवार को सीबीआई अभियोजन अधिकारी की ओर से प्रस्तुत किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मुख्य गवाह बागपत, कैनरा बैंक रीजनल बैंक अधिकारी मनोज गौतम ने न्यायालय के समक्ष पुष्टि की। गवाह ने बताया कि नौ फरवरी 2021 को सीबीआई के अधिकारियों ने जब गीता कॉलोनी में छापा मारा था, तब वह भी उनके साथ मौजूद थे। वहां दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के बेडरूम और ऑफिस से एक पेन ड्राइव, दो लैपटॉप क्रमश: लाल और काले रंग के, तीन मोबाइल फोन व तीन सिम मिले थे। सीबीआई अभियोजन अधिकारी ने सभी सामग्री को सील बंद अलग-अलग लिफाफों से खोलकर न्यायालय में दिखाया तो गवाह ने इन उपकरणों की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सभी सामग्री उनके सामने ही सीबीआई अधिकारियों ने बरामद कर सील बंद की थी।
फांसी टलवाने को हाईकोर्ट में दायर की याचिका, सुनवाई 15 अप्रैल को
बच्चों के यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने दंपती को सुनाई थी फांसी की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बच्चों के साथ यौन शोषण के दोषी जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती की फांसी की सजा टलवाने के लिए रामभवन के भाई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है। हाईकोर्ट ने दाखिल अपील सुनवाई के लिए स्वीकार्य कर ली है। इसकी सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी। बता दें कि इस मामले में दंपती को 20 फरवरी 2026 को बांदा पाक्सो न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों मंडल कारागार बांदा में निरुद्ध हैं।
रामभवन के अधिवक्ता भूरा निषाद ने बताया कि 17 मार्च को दंपती को फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल हो गई है। मामले की पैरवी अधिवक्ता संजीव शर्मा और पूजा अग्रवाल कर रहे हैं। इसकी सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
बता दें कि जनपद चित्रकूट के सिंचाई विभाग से निलंबित हुए जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने 33 बच्चों के साथ यौन शोषण करने व अश्लील वीडियो 47 देशों में बेचने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में जेई व उसकी पत्नी को विशेष न्यायालय पाक्सो के न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा ने दंपती को दोषी पाते हुए 20 फरवरी को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले में रामभवन के भाई ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। जो मंजूर हो गई है। इसकी सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी।

फोटो- 19 पेशी में न्यायालय जाता दोषी जेई रामभवन। संवाद

फोटो- 19 पेशी में न्यायालय जाता दोषी जेई रामभवन। संवाद