पुलिस की गिरफ्त से भागा चुन्नू: पेशी के बाद कैदी बोला- गाड़ी रोको मुझे पेशाब जाना है, फिर हाथ मलती रह गई खाकी
अतर्रा न्यायालय से चोरी का आरोपी कैदी चुन्नू पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। पेशाब जाने का बहाना बनाकर वह भागा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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यूपी के बांदा जिले के सिविल न्यायालय अतर्रा में पेशी पर लाए गए चोरी के आरोपी कैदी के पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार होने की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। तत्काल कार्रवाई करते हुए कैदी की तलाश के लिए व्यापक दबिश दी जा रही है।
यह सनसनीखेज वारदात अतर्रा कस्बे के आंबेडकर नगर निवासी चुन्नू के साथ हुई। जिसे चोरी के एक मामले में पुलिस ने न्यायालय में पेशी के लिए लाया था। देर शाम न्यायालय में पेशी संपन्न होने के बाद, पुलिसकर्मी उसे अन्य कैदियों के साथ वाहन में बैठाकर वापस ले जा रहे थे। इसी दौरान कैदी चुन्नू ने पेशाब जाने की बात कही और न्यायालय परिसर में ही वाहन रुकवा लिया। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने वाहन रोका चुन्नू ने सुरक्षा कर्मियों को चकमा देते हुए मौके का फायदा उठाया और वहां से भागने में सफल रहा।
कुछ समय बाद जब पुलिसकर्मियों को कैदी के फरार होने का पता चला, तो उनके हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू कर दी गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और फरार कैदी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
इस बाबत पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कैदी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। तीनों थानों की फोर्स और स्पेशल टीमों को कैदी की खोज में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
कैदियों के फरार होने के दो प्रमुख मामले
उन्नाव का रहने वाला शातिर टप्पेबाज अतुल सिंह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। वह पेट्रोल पंप से डीजल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और पुलिस को चकमा देकर छत से कूद गया था, जिससे उसका पैर टूट गया। यह घटना बीते वर्ष दिसंबर माह में हुई थी।
बामसी गांव का कैदी वृक्षराज यादव, जिस पर कई मुकदमे दर्ज थे, जेल के बाहर खेतों में काम करते समय बंदी रक्षक और होमगार्डों को चकमा देकर भाग निकला था। इस मामले में लापरवाही बरतने पर 3 होमगार्ड और एक जेलकर्मी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। यह मामला जुलाई 2020 का है।