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Banda News: गांवों में बही फाग की रसधार, रंगों संग गूंजे पारंपरिक सुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:35 PM IST
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फोटो - 14 रामपुर गांव में फाग कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार और मौजूद ग्रामीण। संवाद
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जसपुरा। होलिका दहन के बाद जिले के ग्रामीण अंचलों में होली का उत्साह छा गया। गांव-गांव फाग मंडलियां पारंपरिक सुरों के साथ रंगोत्सव में डूब गईं। लोगों ने एक-दूसरे को आत्मीयता से रंग लगाकर होली की बधाई दी।
रामपुर गांव के गहुरिया तालाब के पास स्थित खलिहान मैदान मंगलवार को रंग और रस से सराबोर दिखा। विपिन सविता के नेतृत्व में एक भव्य फाग कार्यक्रम आयोजित हुआ। गांव के कलाकारों ने पारंपरिक होली गीतों की मनमोहक छटा बिखेरी। श्रोता देर तक झूमते रहे और संगीत का आनंद लिया।
गायक मंडली के सरवन द्विवेदी, पीयूष मिश्रा सहित अन्य कलाकारों ने फाग प्रस्तुत कर समां बांध दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर गूंजते फाग गीतों ने माहौल को पूरी तरह होलीमय बना दिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही। यह आयोजन उत्साह, उमंग और सामाजिक एकता की झलक दिखा रहा था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व
कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में हास्य, व्यंग्य और लोक संस्कृति से सराबोर प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। रंग-बिरंगे अबीर-गुलाल के बीच देर शाम तक होली का उत्सव चलता रहा। ग्रामीणों ने ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को परंपराओं को जीवित रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला बताया।
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रामपुर गांव के गहुरिया तालाब के पास स्थित खलिहान मैदान मंगलवार को रंग और रस से सराबोर दिखा। विपिन सविता के नेतृत्व में एक भव्य फाग कार्यक्रम आयोजित हुआ। गांव के कलाकारों ने पारंपरिक होली गीतों की मनमोहक छटा बिखेरी। श्रोता देर तक झूमते रहे और संगीत का आनंद लिया।
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गायक मंडली के सरवन द्विवेदी, पीयूष मिश्रा सहित अन्य कलाकारों ने फाग प्रस्तुत कर समां बांध दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर गूंजते फाग गीतों ने माहौल को पूरी तरह होलीमय बना दिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही। यह आयोजन उत्साह, उमंग और सामाजिक एकता की झलक दिखा रहा था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व
कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में हास्य, व्यंग्य और लोक संस्कृति से सराबोर प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। रंग-बिरंगे अबीर-गुलाल के बीच देर शाम तक होली का उत्सव चलता रहा। ग्रामीणों ने ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को परंपराओं को जीवित रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला बताया।