{"_id":"69c051971f24e393d00e01d9","slug":"20-thousand-rupees-recovered-from-the-consumer-report-filed-against-je-and-contract-worker-barabanki-news-c-315-1-brp1006-162073-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: उपभोक्ता से 20 हजार की वसूली, जेई व संविदाकर्मी पर रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: उपभोक्ता से 20 हजार की वसूली, जेई व संविदाकर्मी पर रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
विज्ञापन
कुर्सी। बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर ठगी, फर्जी बिलिंग और अभिलेखों में हेरफेर के मामले में अदालत के आदेश के बाद निगम के जेई व कथित संविदाकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कुर्सी के रेवरी मजरे सिकंदरपुर निवासी अमर सिंह ने अदालत को अर्जी देकर बताया कि वर्ष 2016 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत उनके घर निशुल्क बिजली कनेक्शन दिया गया था। आरोप है कि उस समय विभागीय कर्मचारियों ने न तो मीटर को विधिवत सील किया और न ही कनेक्शन संख्या जारी किया। बाद में कनेक्शन सही ढंग से चालू कराने के नाम पर विभागीय कर्मचारियों ने 30 हजार रुपये की मांग की।
बातचीत के बाद दो फरवरी 2025 को 20 हजार रुपये ले लिए गए, लेकिन न तो कनेक्शन नियमित किया गया और न ही रकम वापस की गई। आरोप है कि इसके बाद कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से बिल तैयार कर पीड़ित पर बकाया दर्शा दिया। पहले 26,461 रुपये का बिल बनाया गया, जिसे बढ़ाकर 64,980 रुपये और फिर 67,614 रुपये कर दिया गया। वास्तविक मीटर रीडिंग 9672 यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर 11,123 यूनिट दर्शाया गया।
साथ ही फर्जी रसीदों में 100 रुपये की जगह 1600 रुपये प्रतिभूति राशि दिखा दी गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि अभिलेखों में हेरफेर कर कनेक्शन की तिथि 2016 के स्थान पर 2025 दर्ज कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेई विकास शुक्ल व कथित संविदाकर्मी मोहम्मद हाशिम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर की है। एसएचओ केके सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।
Trending Videos
कुर्सी के रेवरी मजरे सिकंदरपुर निवासी अमर सिंह ने अदालत को अर्जी देकर बताया कि वर्ष 2016 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत उनके घर निशुल्क बिजली कनेक्शन दिया गया था। आरोप है कि उस समय विभागीय कर्मचारियों ने न तो मीटर को विधिवत सील किया और न ही कनेक्शन संख्या जारी किया। बाद में कनेक्शन सही ढंग से चालू कराने के नाम पर विभागीय कर्मचारियों ने 30 हजार रुपये की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
बातचीत के बाद दो फरवरी 2025 को 20 हजार रुपये ले लिए गए, लेकिन न तो कनेक्शन नियमित किया गया और न ही रकम वापस की गई। आरोप है कि इसके बाद कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से बिल तैयार कर पीड़ित पर बकाया दर्शा दिया। पहले 26,461 रुपये का बिल बनाया गया, जिसे बढ़ाकर 64,980 रुपये और फिर 67,614 रुपये कर दिया गया। वास्तविक मीटर रीडिंग 9672 यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर 11,123 यूनिट दर्शाया गया।
साथ ही फर्जी रसीदों में 100 रुपये की जगह 1600 रुपये प्रतिभूति राशि दिखा दी गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि अभिलेखों में हेरफेर कर कनेक्शन की तिथि 2016 के स्थान पर 2025 दर्ज कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेई विकास शुक्ल व कथित संविदाकर्मी मोहम्मद हाशिम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर की है। एसएचओ केके सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।