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Barabanki News: प्लाॅटिंग ही नहीं, हाईवे पर अवैध कट बना उजाड़ रहे हरियाली
Sun, 26 Jul 2026 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:18 AM IST
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प्लाॅटिंग ही नहीं, हाईवे पर अवैध कट बना उजाड़ रहे हरियाली
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बाराबंकी। जिले में अवैध प्लॉटिंग का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। हालात यह हैं कि लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खेतों को अवैध रूप से प्लॉटिंग में तब्दील किया जा रहा है और इन तक पहुंच बनाने के लिए हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था से भी खुला खिलवाड़ हो रहा है।
प्लॉटिंग संचालकों ने कई स्थानों पर लोहे की थ्राईबीम काटकर अवैध रास्ते बना दिए हैं, जिससे न केवल राजमार्ग की सुरक्षा प्रभावित हो रही है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रशासन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है।
बड़ेल स्थित सतरिख ओवरब्रिज से लेकर असेनी मोड़ तक हाईवे के दोनों ओर 100 से अधिक अवैध प्लॉटिंग स्थल विकसित किए जा चुके हैं। इन प्लॉटिंग स्थलों तक पहुंचने के लिए एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हाईवे की थ्राईबीम काटकर अवैध कट बना दिए गए हैं। कई जगह लोहे की चादर और एंगल से बनी सुरक्षा रेलिंग पूरी तरह गायब कर दी गई है।
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इतना ही नहीं, अवैध रास्ते बनाने के लिए हाईवे किनारे लगे पेड़ों को भी काट दिया गया। रेठ नदी से असेनी मोड़ के बीच कुछ ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों पर भी करीब 15 वर्ष पुराने पेड़ काटकर अवैध कट बनाने के आरोप हैं।
प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सतरिख बाईपास के आगे बड़ेल क्षेत्र में दक्षिण दिशा की पटरी पर करीब 20 मीटर लंबी थ्राईबीम काटकर रास्ता बनाया गया है, जिसके आगे समृद्धि नाम से प्लॉटिंग विकसित की गई है।
एक माह पहले जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने इस अवैध प्लॉटिंग स्थल का मुख्य गेट ध्वस्त कराया था। इसके बावजूद वहां भवन निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी तरह हाईवे के उत्तर दिशा में रेठ नदी के पास स्थित एक अन्य अवैध प्लॉटिंग स्थल पर सरकारी मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को पिछले वर्ष बुलडोजर चलाकर हटाया गया था। अब वहां फिर से कब्जा होने लगा है। बुलडोजर कार्रवाई के निशान मिट चुके हैं और प्लॉटिंग स्थल पर दोबारा गतिविधियां शुरू हो गई हैं। यहां भी लगभग 100 मीटर लंबाई तक थ्राईबीम काटकर गायब कर दी गई है।
एसडीएम सदर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने कहा कि हाईवे किनारे अवैध कट बनाकर प्लॉटिंग करने वालों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में जिन अवैध प्लॉटिंग स्थलों को ध्वस्त किया गया था, उनका भी सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि वहां दोबारा अवैध निर्माण न होने पाए। हालांकि, मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हाईवे की सुरक्षा और सरकारी भूमि दोनों पर संकट और गहरा सकता है।
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प्लॉटिंग संचालकों ने कई स्थानों पर लोहे की थ्राईबीम काटकर अवैध रास्ते बना दिए हैं, जिससे न केवल राजमार्ग की सुरक्षा प्रभावित हो रही है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रशासन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है।
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बड़ेल स्थित सतरिख ओवरब्रिज से लेकर असेनी मोड़ तक हाईवे के दोनों ओर 100 से अधिक अवैध प्लॉटिंग स्थल विकसित किए जा चुके हैं। इन प्लॉटिंग स्थलों तक पहुंचने के लिए एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हाईवे की थ्राईबीम काटकर अवैध कट बना दिए गए हैं। कई जगह लोहे की चादर और एंगल से बनी सुरक्षा रेलिंग पूरी तरह गायब कर दी गई है।
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इतना ही नहीं, अवैध रास्ते बनाने के लिए हाईवे किनारे लगे पेड़ों को भी काट दिया गया। रेठ नदी से असेनी मोड़ के बीच कुछ ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों पर भी करीब 15 वर्ष पुराने पेड़ काटकर अवैध कट बनाने के आरोप हैं।
प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सतरिख बाईपास के आगे बड़ेल क्षेत्र में दक्षिण दिशा की पटरी पर करीब 20 मीटर लंबी थ्राईबीम काटकर रास्ता बनाया गया है, जिसके आगे समृद्धि नाम से प्लॉटिंग विकसित की गई है।
एक माह पहले जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने इस अवैध प्लॉटिंग स्थल का मुख्य गेट ध्वस्त कराया था। इसके बावजूद वहां भवन निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी तरह हाईवे के उत्तर दिशा में रेठ नदी के पास स्थित एक अन्य अवैध प्लॉटिंग स्थल पर सरकारी मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को पिछले वर्ष बुलडोजर चलाकर हटाया गया था। अब वहां फिर से कब्जा होने लगा है। बुलडोजर कार्रवाई के निशान मिट चुके हैं और प्लॉटिंग स्थल पर दोबारा गतिविधियां शुरू हो गई हैं। यहां भी लगभग 100 मीटर लंबाई तक थ्राईबीम काटकर गायब कर दी गई है।
एसडीएम सदर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने कहा कि हाईवे किनारे अवैध कट बनाकर प्लॉटिंग करने वालों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में जिन अवैध प्लॉटिंग स्थलों को ध्वस्त किया गया था, उनका भी सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि वहां दोबारा अवैध निर्माण न होने पाए। हालांकि, मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हाईवे की सुरक्षा और सरकारी भूमि दोनों पर संकट और गहरा सकता है।

प्लाॅटिंग ही नहीं, हाईवे पर अवैध कट बना उजाड़ रहे हरियाली

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