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Barabanki News: 18 गांवों में घुसा सरयू का पानी
Sun, 26 Jul 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:21 AM IST
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18 गांवों में घुसा सरयू का पानी
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बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से नीचे आ गया, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन 18 गांवों में अभी भी पानी भरा हुअा है। एल्गिन ब्रिज पर शनिवार शाम नदी का जलस्तर 105.930 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर नीचे, जबकि चेतावनी बिंदु से 86 सेंटीमीटर ऊपर है।
इसी बीच नेपाल के बैराजों से 2.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रामनगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन गांवों के संपर्क मार्ग अब भी पानी और कीचड़ से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर आवागमन बाधित है।
सबसे अधिक चिंता नदी के कटान को लेकर है। सरसंडा ग्राम पंचायत के नदी पार बसे पूरनपुर गांव के पास सरयू तेजी से कटान कर रही है और अब नदी गांव से महज 150 मीटर दूर रह गई है। राजकुमार, रामरतन, दशरथ, रामानंद, कमला प्रसाद और मदनलाल समेत कई किसानों की कृषि भूमि नदी में समा चुकी है।
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दो दिन पहले सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी थी, जिससे रामनगर तहसील के सरसंडा, सुंदरनगर, कोइलीपुरवा, केदारीपुर, ललपुरवा, कोडरी मदरहा, पंडितपुरवा, सकतापुरवा, सुमिरनपुरवा, केसरीपुरवा, बल्लोपुर, बाबापुरवा, तेवराइनपुरवा, बिझला और बलाइपुर सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे।
जलस्तर में गिरावट के बाद अधिकांश ग्रामीण अपने घर लौटने लगे हैं, लेकिन नदी पार बसे फाजिलपुर, जमका, पूरनपुर और परशुरामपुर के लोगों की चिंता कटान के कारण अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या प्रशासनिक टीम नहीं पहुंची है।
संभावित खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने पहले ही बंधे पर बांस-बल्ली और तिरपाल के सहारे अस्थायी आशियाने बना लिए थे। हालांकि जलस्तर घटने के बाद अधिकांश लोग वापस अपने घर लौट गए हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर अस्थायी ठिकाने अभी भी बने हुए हैं।
उधर, सिरौलीगौसपुर तहसील के सनावा और कहरनपुरवा गांव भी बाढ़ के मुहाने पर पहुंच गए थे। राहत की बात यह रही कि जलस्तर घटने के साथ सनावा और टेपरा गांव के बीच हो रहा कटान फिलहाल थम गया है।
संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए सिरौलीगौसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देव प्रताप सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सनावा, कहरनपुरवा, भयकपुरवा और बघौलीपुरवा गांवों का निरीक्षण कर निचले इलाकों में दवा का छिड़काव कराया। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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इसी बीच नेपाल के बैराजों से 2.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रामनगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन गांवों के संपर्क मार्ग अब भी पानी और कीचड़ से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर आवागमन बाधित है।
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सबसे अधिक चिंता नदी के कटान को लेकर है। सरसंडा ग्राम पंचायत के नदी पार बसे पूरनपुर गांव के पास सरयू तेजी से कटान कर रही है और अब नदी गांव से महज 150 मीटर दूर रह गई है। राजकुमार, रामरतन, दशरथ, रामानंद, कमला प्रसाद और मदनलाल समेत कई किसानों की कृषि भूमि नदी में समा चुकी है।
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दो दिन पहले सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी थी, जिससे रामनगर तहसील के सरसंडा, सुंदरनगर, कोइलीपुरवा, केदारीपुर, ललपुरवा, कोडरी मदरहा, पंडितपुरवा, सकतापुरवा, सुमिरनपुरवा, केसरीपुरवा, बल्लोपुर, बाबापुरवा, तेवराइनपुरवा, बिझला और बलाइपुर सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे।
जलस्तर में गिरावट के बाद अधिकांश ग्रामीण अपने घर लौटने लगे हैं, लेकिन नदी पार बसे फाजिलपुर, जमका, पूरनपुर और परशुरामपुर के लोगों की चिंता कटान के कारण अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या प्रशासनिक टीम नहीं पहुंची है।
संभावित खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने पहले ही बंधे पर बांस-बल्ली और तिरपाल के सहारे अस्थायी आशियाने बना लिए थे। हालांकि जलस्तर घटने के बाद अधिकांश लोग वापस अपने घर लौट गए हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर अस्थायी ठिकाने अभी भी बने हुए हैं।
उधर, सिरौलीगौसपुर तहसील के सनावा और कहरनपुरवा गांव भी बाढ़ के मुहाने पर पहुंच गए थे। राहत की बात यह रही कि जलस्तर घटने के साथ सनावा और टेपरा गांव के बीच हो रहा कटान फिलहाल थम गया है।
संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए सिरौलीगौसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देव प्रताप सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सनावा, कहरनपुरवा, भयकपुरवा और बघौलीपुरवा गांवों का निरीक्षण कर निचले इलाकों में दवा का छिड़काव कराया। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी

18 गांवों में घुसा सरयू का पानी