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LPG Crisis: कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने का असर, बरेली में परसाखेड़ा पैकेजिंग इंडस्ट्री पर ताला

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Mon, 16 Mar 2026 03:11 PM IST
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सार

बरेली में कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से परसाखेड़ा स्थित पैकेजिंग फैक्टरी में उत्पादन ठप हो गया है। उद्यमी के मुताबिक, गैस सिलिंडर की उपलब्धता पर ही फिर से फैक्टरी का संचालन करेंगे।

Packaging Industry Shuts Down in Parsakhera due to Commercial Gas Cylinder crisis
परसाखेड़ा स्थित पैकेजिंग फैक्टरी यूनिपैक में उत्पादन ठप। - फोटो : संवाद
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विस्तार

बरेली में कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने के बाद उद्योगों का संचालन मुश्किल होने लगा है। परसाखेड़ा स्थित पैकेजिंग फैक्टरी में ताला लग गया है। उद्यमी के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था में काफी खर्च और लंबा वक्त लगेगा।
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यूनीपैक इंडस्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित गुप्ता के मुताबिक, फैक्टरी में खाद्य पदार्थों के लिए पैकेजिंग सामग्री बनाई जाती है। इसमें एलपीजी का प्रयोग गोंद को पकाने में होता है। इसके अलावा कोरूगेशन मशीन को गर्म किया जाता है। मशीन में पेपर शीट को गर्म रोलर से गुजारा जाता है। यह ताप एलपीजी बर्नर से ही मिल पाता है। इसके बाद शीट को जल्दी सुखाने के लिए फिर गर्म करना पड़ता है। इधर, सिलिंडर न मिलने से यह कार्य प्रभावित होने लगे।
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इसके चलते सप्ताह भर से उत्पादन प्रभावित हो रहा था। गैस एजेंसियों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने असमर्थता जता दी। इसलिए फैक्टरी का संचालन ठप करने का निर्णय लेना पड़ा। सिलिंडर की उपलब्धता पर फिर से फैक्टरी का संचालन करेंगे।

एलपीजी की हीटिंग कैपिसिटी बेहतर
फेडरेशन ऑफ काेरूगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव अजय शुक्ला के मुताबिक, पैकेजिंग यूनिट के लिए एलपीजी बेहद जरूरी है। इसमें तेजी से गर्म करने की क्षमता होती है। तापमान नियंत्रण भी आसान होता है। भोजीपुरा, परसाखेड़ा, सीबीगंज और फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र की सभी पैकेजिंग फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित है।

विकल्प में लगेगा वक्त, खर्च भी बढ़ेगा
अर्पित के मुताबिक, फैक्टरी संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हीटर लगाने पड़ेंगे। इसके लिए हीटर बनाने वाली कंपनी को ऑर्डर देना होगा। वह फैक्टरी का विजिट कर हीटर बनाएगी। इसके सापेक्ष बिजली का लोड भी न्यूनतम 25 किलोवाट तक बढ़ाना पड़ेेगा। इसमें लंबा वक्त और खर्च लगेगा। इसी बीच, कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की उपलब्धता हो गई तो यह कवायद बेकार साबित होगी।
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