Bareilly News: शादी से पहले पूर्ति कार्यालय के फेरे लगा रहे उपभोक्ता, गैस सिलिंडर के लिए लग रही कतार
बरेली में जिन उपभोक्ताओं के घर में शादी है, वे कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारी वैवाहिक कार्ड और प्रार्थना पत्र ले रहे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार लोगों को समय पर सिलिंडर उपलब्ध हो सकें।
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बरेली में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच मैरिज हॉल संचालकों और कैटरर्स ने सिलिंडर की व्यवस्था से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब पूरा दारोमदार आयोजकों पर आ गया है। लिहाजा, शादी से पहले लोग पूर्ति कार्यालय के फेरे लगा रहे हैं। सिलिंडर लेने के लिए शनिवार शाम तक पूर्ति कार्यालय में कतार लगी रही।
15 से 30 अप्रैल के बीच सर्वाधिक वैवाहिक मुहूर्त हैं। पूर्ति कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक वर और वधू पक्ष के करीब आठ सौ वैवाहिक कार्ड मिल चुके हैं। इसके सापेक्ष तीन सौ लोगों को 12 सौ से ज्यादा कॉमर्शिलय सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं। लोगों की सहूलियत के लिए अवकाश के दिन भी कार्यालय खोला जा रहा है। कर्मचारी वैवाहिक कार्ड और प्रार्थना पत्र ले रहे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार लोगों को समय पर सिलिंडर उपलब्ध हो सकें।
कार्ड लेकर आए सीबीगंज निवासी महेंद्र ने बताया कि 29 अप्रैल को बरात आएगी। हॉल बुक है, लेकिन सिलिंडर न मिलने से कैटरर्स तैयार नहीं हो रहे हैं। पांच कॉमर्शियल सिलिंडर चाहिए। हरूनगला के वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी लगन 15 अप्रैल को है। चार सिलिंडर मांगे हैं।
कन्या पक्ष को मिलेगी प्राथमिकता, सत्यापन भी होगा
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, प्राप्त कार्ड में से अब कन्या पक्ष को प्राथमिकता दी जाएगी। इन्हें बरात का स्वागत करना है। फिर वर पक्ष में जिनके यहां लगन है या वधू स्वागत समारोह करेंगे, उन्हें वरीयता दी जाएगी। वर पक्ष में जिनके घर पर कोई समारोह नहीं होगा, उन्हें आखिरी में सिलिंडर दिए जाएंगे। वैवाहिक आयोजनों का सत्यापन भी कराएंगे।
वैवाहिक आयोजन से पांच दिन पूर्व सौंपे प्रार्थना पत्र
शनिवार को कई लोग 12 अप्रैल को ही समारोह का कार्ड लेकर सिलिंडर लेने पहुंचे थे। प्रक्रिया में दो से तीन दिन का वक्त लगता है। इस वजह से सिलिंडर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी गई। जिला पूर्ति अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वैवाहिक समारोह से पांच दिन पूर्व ही कार्ड कार्यालय में सौंप दें, ताकि गैस एजेंसी और पेट्रोलियम कंपनी को नियमानुसार कॉमर्शिलिय सिलिंडर जारी करने के लिए पत्र जारी हो सके।