बदायूं दोहरा हत्याकांड: हर्षित के परिजनों की सुरक्षा में अब पूरी गारद तैनात, लापरवाही पर कांस्टेबल निलंबित
पीलीभीत में हर्षित मिश्रा के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब हर्षित के परिजनों की सुरक्षा में पूरी गारद तैनात की गई है। बता दें कि बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के अफसर हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता की 12 मार्च को हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।
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बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में 12 मार्च को हुई कंपनी के अफसर सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की हत्या मामले में बुधवार को बरेली में हर्षित मिश्रा के परिजनों की एसआईटी टीम से मुलाकात के बाद परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब हर्षित के परिजनों की सुरक्षा में पूरी गारद (एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल) तैनात किए गए हैं। उधर, ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर एसपी ने सुरक्षा में लगे एक कांस्टेबल को निलंबित भी कर दिया है।
एचपीसीएल प्लांट के अफसर सुधीर गुप्ता और पूरनपुर निवासी हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 14 मार्च को जांच के लिए बरेली के कमिश्नर के नेतृत्व में एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। इसके बाद तीन सदस्यीय टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई। एसआईटी की जांच अंतिम चरण में है। टीम ने पक्ष रखने को हर्षित मिश्रा के परिजन को बरेली बुलाया था।
हर्षित को मिल रही थीं धमकियां
बुधवार को हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा, मां रानी मिश्रा, भाई वैभव मिश्रा, हर्षित मिश्रा की पत्नी सुमति मिश्रा ने बरेली पहुंचकर अफसरों को जानकारी दी। कहा कि हर्षित मिश्रा को अक्सर शाम के वक्त फोन पर धमकी दी जाती थी। उनके पुत्र ने तो हत्या की आशंका पहले कई बार व्यक्त कर अफसरों से सुरक्षा की मांग और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मगर राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस, प्रशासिनक अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उसके पुत्र की हत्या हुई है।
परिजन बोले- आरोपियों को संरक्षण देने वाले भी दोषी
उनका आरोप है कि पुत्र की हत्या में आरोपियों को सह और संरक्षण देने वाले भी दोषी है। टीम ने परिवार की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली थी। बृहस्पतिवार को परिवार की सुरक्षा में लगे एक कांस्टेबल पर कार्रवाई की गई है।
कोतवाल पवन पांडेय ने बताया कि हर्षित मिश्रा के परिजन की सुरक्षा को चार कांस्टेबल बारी-बारी से लगाए गए थे। उन्हें हटाकर उनकी जगह परिजन की सुरक्षा को एक गार्द पुलिस लाइन से मिली है। इसमें एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल है। जो बारी-बारी से परिजन की सुरक्षा में रहेंगे।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि जांच में प्रथमदृष्टया कांस्टेबल की ड्यूटी में लापरवाही पाई गई। उसे निलंबित किया गया है। परिजन की सुरक्षा में अन्य पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है।