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स्मार्ट सिटी : 200 करोड़ की परियोजनाएं धूल फांक रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 29 Mar 2026 03:06 AM IST
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बरेली। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में कराए गए 200 करोड़ रुपये के कार्य धूल फांक रहे हैं। अर्बन हाट, पटेल चौक पर स्काई वॉक, जंक्शन रोड पर व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग आदि का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन इनका इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका है।
नगर निगम की तरफ से शहर के बीचों-बीच अर्बन हाट का निर्माण कराया गया। दिसंबर 2025 में भवन को तैयार कर एक एजेंसी को दिया गया। एजेंसी इसके लिए नगर निगम को हर साल 6.30 करोड़ रुपये किराया देती है। फिलहाल, 1.74 अरब से तैयार इस हाट में हस्त शिल्प प्रदर्शनी के लिए तैयार दुकानें बंद पड़ी हैं। सिर्फ आगे के ही कुछ हिस्सों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।
डूडा कार्यालय में स्मार्ट सिटी परियोजना से तैयार शौचालय बंद पड़ा है। गांधी उद्यान के पास शौचालय की बेसिन टूटी हैं। गांधी उद्यान के बाहर बिजली के खंभे के तार लटक रहे हैं तो लैंप लाइटें भी टूटी पड़ी हैं। अक्षर विहार में 34.34 लाख रुपये से बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आज तक चालू नहीं हो सका।
जंक्शन के पास बना व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का भी उपयोग नहीं : जंक्शन रोड पर पुराने तांगा स्टैंड की जगह पर पांच करोड़ रुपये की लागत से व्यावसायिक काॅम्पलेक्स बनाया गया है। दो साल से भवन बनकर तैयार है, लेकिन किराया इतना महंगा है कि लोग उसे लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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डूडा कार्यालय में स्मार्ट सिटी परियोजना से तैयार शौचालय बंद पड़ा है। गांधी उद्यान के पास शौचालय की बेसिन टूटी हैं। गांधी उद्यान के बाहर बिजली के खंभे के तार लटक रहे हैं तो लैंप लाइटें भी टूटी पड़ी हैं। अक्षर विहार में 34.34 लाख रुपये से बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आज तक चालू नहीं हो सका।
जंक्शन के पास बना व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का भी उपयोग नहीं : जंक्शन रोड पर पुराने तांगा स्टैंड की जगह पर पांच करोड़ रुपये की लागत से व्यावसायिक काॅम्पलेक्स बनाया गया है। दो साल से भवन बनकर तैयार है, लेकिन किराया इतना महंगा है कि लोग उसे लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।