Bareilly News: 'पीडीए समाज के आरक्षण अधिकार को लूट रही भाजपा', सपा ने 22 भर्तियों का ब्योरा पेश कर लगाया आरोप
बरेली में सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर सरकारी भर्तियों में पीडीए समाज के आरक्षण अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि सरकार संविधान को कमजोर कर रही है। सपा ने 22 भर्तियों में 4,261 पद कम दिए जाने का दावा किया।
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बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों की अनदेखी कर पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के युवाओं के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को निष्प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से वंचित और पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की थी, लेकिन वर्तमान सरकार लगातार आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी कर रही है। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को उठाना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन रोजगार देने के बजाय अधिकांश भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ गईं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में निराशा बढ़ी है और कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
22 भर्तियों का ब्योरा जारी कर लगाए गंभीर आरोप
सपा नेताओं ने वर्ष 2019 से 2026 तक की 22 प्रमुख भर्तियों का विवरण जारी करते हुए दावा किया कि आरक्षण के नियमों के अनुसार पीडीए वर्ग को जितने पद मिलने चाहिए थे, उतने पद नहीं दिए गए। पार्टी के अनुसार 69 हजार शिक्षक भर्ती, वन एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, लेखपाल, कृषि प्राविधिक सहायक, चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य भर्तियों में कुल 4,261 पद पीडीए वर्ग के हिस्से से कम दिए गए।
सपा नेताओं ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो आरक्षण के व्यापक उल्लंघन के तथ्य सामने आएंगे। पार्टी ने मांग की कि सभी विवादित भर्तियों की समीक्षा कर आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलन का दिया संकेत
प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने कहा कि यदि सरकार आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जवाब नहीं देती है तो समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगी और पीडीए समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और न्याय मिलने तक संघर्ष करेगी।
आरोप : 22 भर्तियों में आरक्षण नियमों की अनदेखी
दावा : पीडीए वर्ग के 4,261 पदों का नुकसान
अवधि : 2019 से 2026 तक की भर्तियां
प्रमुख भर्तियां : 69 हजार शिक्षक भर्ती, लेखपाल भर्ती, कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी भर्ती आदि
जनप्रतिनिधियों ने क्रमवार उठाये मुद्दे
सांसद नीरज मौर्य, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुलतानी, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, पूर्व मंत्री अताउर रहमान, विधायक शाहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पार्षद नेता राजेश अग्रवाल ने क्रमवार भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए और जवाब मांगा।