{"_id":"6a344f038c6cb4f55007dcfa","slug":"document-writers-and-lawyers-vocal-against-e-registration-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-144607-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: ई-पंजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखक और वकील मुखर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: ई-पंजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखक और वकील मुखर
विज्ञापन
भदोही में सब रजिस्टार को ज्ञापन देते दस्तावेज लेखक। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सर्रोई। उप निबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) में ई-पंजीकरण की व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता मुखर हो गए हैं। बृहस्पतिवार को दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने भदोही तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप निबंधक को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि चार जून से ई-पंजीकरण व्यवस्था को लागू कर दी गई है। इससे दस्तावेज लेखक और अधिवक्ताओं का जीविकोपार्जन प्रभावित होगा। ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2024 के तहत प्रेरणा सॉफ्टवेयर से ई-पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था में दस्तावेजों का पंजीकरण और उनके प्रारूप का ऑनलाइन अनुमोदन केवल विनिर्दिष्ट संस्थाओं के माध्यम से ही अनिवार्य किया गया है। निबंधन विभाग के अंग के रूप में कार्य करने वाले दस्तावेज लेखकों को विनिर्दिष्ट संस्था की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। उन्हें ई-पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
दस्तावेज लेखकों की प्रमुख मांगों में उन्हें भी ई-पंजीकरण के लिए अधिकृत एजेंट/यूजर के रूप में पंजीकृत करना शामिल है। साथ ही, उन्होंने प्रेरणा पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड द्वारा लॉग-इन की सुविधा प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण और बायोमेट्रिक उपकरण खरीदने के लिए अनुदान की मांग की है। फ्रंट ऑफिस योजना पर पहले भ्रांतियां को दूर किया जाए। प्रदर्शन में तुलसीराम शुक्ला, मृत्युंजय उपाध्याय, अमृत लाल यादव, महेश यादव, हुबराज यादव, सतीश राय, बाबूलाल यादव, प्रदीप मौर्य, अमरेश उपाध्याय आदि शामिल थे।
वक्ताओं ने कहा कि चार जून से ई-पंजीकरण व्यवस्था को लागू कर दी गई है। इससे दस्तावेज लेखक और अधिवक्ताओं का जीविकोपार्जन प्रभावित होगा। ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2024 के तहत प्रेरणा सॉफ्टवेयर से ई-पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस नई व्यवस्था में दस्तावेजों का पंजीकरण और उनके प्रारूप का ऑनलाइन अनुमोदन केवल विनिर्दिष्ट संस्थाओं के माध्यम से ही अनिवार्य किया गया है। निबंधन विभाग के अंग के रूप में कार्य करने वाले दस्तावेज लेखकों को विनिर्दिष्ट संस्था की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। उन्हें ई-पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
दस्तावेज लेखकों की प्रमुख मांगों में उन्हें भी ई-पंजीकरण के लिए अधिकृत एजेंट/यूजर के रूप में पंजीकृत करना शामिल है। साथ ही, उन्होंने प्रेरणा पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड द्वारा लॉग-इन की सुविधा प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण और बायोमेट्रिक उपकरण खरीदने के लिए अनुदान की मांग की है। फ्रंट ऑफिस योजना पर पहले भ्रांतियां को दूर किया जाए। प्रदर्शन में तुलसीराम शुक्ला, मृत्युंजय उपाध्याय, अमृत लाल यादव, महेश यादव, हुबराज यादव, सतीश राय, बाबूलाल यादव, प्रदीप मौर्य, अमरेश उपाध्याय आदि शामिल थे।

भदोही में सब रजिस्टार को ज्ञापन देते दस्तावेज लेखक। संवाद