{"_id":"6a5fd375e45832616d049922","slug":"notice-issued-to-naib-tehsildar-for-negligence-warning-issued-to-sdm-and-tehsildar-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-146129-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: लापरवाही पर नायब तहसीलदार को नोटिस, एसडीएम-तहसीलदार को चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: लापरवाही पर नायब तहसीलदार को नोटिस, एसडीएम-तहसीलदार को चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम शैलेष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर डी श्रेणी में शामिल किए गए बिंदुओं पर समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान आवश्यक अभिलेख एवं सही आख्या उपलब्ध न कराने पर नायब तहसीलदार मतेथू भागीरथी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को चेतावनी दी कि पुराने लंबित वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्धारित लक्ष्य की तय समय में पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने आगाह किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने तहसीलदारों को अमीनवार राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा कर अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने हर तहसील में 10 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा करने के लिए कहा। डीएम ने पांच साल से अधिक पुराने राजस्व वादों के निस्तारण के लिए अधिकारियों से गांव में जाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को चेतावनी दी कि पुराने लंबित वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
राजस्व न्यायालयों की समीक्षा के दौरान डीएम ने अभियान चलाकर धारा-24 एवं धारा-34 के वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान आवश्यक अभिलेख एवं सही आख्या उपलब्ध न कराने पर नायब तहसीलदार मतेथू भागीरथी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा के दौरान असंतोषजनक फीडबैक पर जिलाधिकारी ने कई अधिकारियों को फटकार लगाई। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने परिवहन, आबकारी, राजस्व, नगर निकाय एवं खनन विभाग को लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने वाणिज्य कर विभाग की वसूली लक्ष्य से लगभग 49 प्रतिशत कम पाए जाने तथा वसूली का समुचित मिलान न होने पर संबंधित अधिकारी से कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान आईजीआरएस, खतौनी अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, एंटी भू-माफिया अभियान, ऑडिट आपत्तियों तथा राजस्व वादों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मौके पर एडीएम शुभांगी शुक्ला, एडीएम न्यायिक विजय नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक के दौरान डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्धारित लक्ष्य की तय समय में पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने आगाह किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने तहसीलदारों को अमीनवार राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा कर अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
उन्होंने हर तहसील में 10 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा करने के लिए कहा। डीएम ने पांच साल से अधिक पुराने राजस्व वादों के निस्तारण के लिए अधिकारियों से गांव में जाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को चेतावनी दी कि पुराने लंबित वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
राजस्व न्यायालयों की समीक्षा के दौरान डीएम ने अभियान चलाकर धारा-24 एवं धारा-34 के वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान आवश्यक अभिलेख एवं सही आख्या उपलब्ध न कराने पर नायब तहसीलदार मतेथू भागीरथी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा के दौरान असंतोषजनक फीडबैक पर जिलाधिकारी ने कई अधिकारियों को फटकार लगाई। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने परिवहन, आबकारी, राजस्व, नगर निकाय एवं खनन विभाग को लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने वाणिज्य कर विभाग की वसूली लक्ष्य से लगभग 49 प्रतिशत कम पाए जाने तथा वसूली का समुचित मिलान न होने पर संबंधित अधिकारी से कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान आईजीआरएस, खतौनी अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, एंटी भू-माफिया अभियान, ऑडिट आपत्तियों तथा राजस्व वादों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मौके पर एडीएम शुभांगी शुक्ला, एडीएम न्यायिक विजय नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।