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Bijnor News: अभी नहीं लगेगी गांवों के बैनामों पर रोक

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:03 AM IST
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There will be no ban on village titles yet.
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बिजनौर। बिजनौर जिले में पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित किए गए गांवों में बैनामों पर रोक फिलहाल टल गई है। डीएम ने अब एनएचएआई को पत्र लिखकर उन गांवों की गाटा संख्या मांगी है। बिना गाटा संख्या बैनामों से आने वाले रेवेन्यु के नुकसान की आशंका जताई है।
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गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए सर्वे पूरा हो गया है। बिजनौर में भी एलाइनमेंट सर्वे का काम पूरा हो चुका है। शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 747.424 किलोमीटर होगी। बिजनौर में इसकी लंबाई करीब 56 किलोमीटर होने की संभावना है। एनएच की ओर से बालावाली के पास से होते हुए इसके दो एलाइमेंट तैयार किए गए थे। एक एलाइमेंट में करीब 116 गांव और दूसरे एलाइमेंट में करीब 131 गांव से होते हुए यह एक्सप्रेसवे निकलेगा। तीन दिन पहले ही डीएम ने एनएचएआई के पत्र का हवाला देते हुए सब रजिस्ट्रार बिजनौर, नगीना, नजीबाबाद और धामपुर पत्र लिखा था, जिसमें बैनामों पर रोक लगाने के बारे में कहा गया था।
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इस मामले में एआईजी स्टांप की ओर से डीएम से मिलकर बताया गया कि संबंधित 131 गांव का गाटा संख्या एनएचएआई ने नहीं दिया है। ऐसे में बैनामों पर रोक लगाने से रेवेन्यु का नुकसान होगा। इसके बाद डीएम ने शुक्रवार को एनएचएआई को फिर से एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया कि संबंधित गांवों का गाटा संख्या भी उपलब्ध कराया जाए ताकि चिह्नित क्षेत्र के बैनामों पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले जिले में निकले हाईवे के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाने का हवाला भी दिया गया है।

जमीन खरीदने के लिए घूम रहे शहर के व्यापारी और उद्यमी
जिले से गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे निकलने के साथ ही जमीन के दामों में भी इस क्षेत्र में उछाल आ गया है। अधिकांश ग्रामीणों ने जमीन बेचना ही बंद कर दिया है। उधर शहर के बड़े व्यापारी और उद्यमी इन क्षेत्रों में जमीन तलाश रहे हैं।
फिलहाल बैनामें नहीं रोके गए हैं, क्योंकि गाटा संख्या उपलब्ध नहीं थी। इस तरह बैनामे रुके तो स्टांप रेवेन्यु में नुकसान हो जाएगा। उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया तो एनएचएआई को पत्र लिखा गया है। -आशुतोष जोशी, एआईजी स्टांप बिजनौर
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