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Budaun News: चलती कार में लगी आग, पत्नी जिंदा जली, पति भी झुलसा
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अर्पित भारद्वाज अपनी पत्नी प्रिया भारद्वाज व बेटी के साथ। फाइल फोटो
- फोटो : 1
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उसहैत। उसहैत थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात लखनऊ से इलाज कराकर लौट रहे स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत दंपती की चलती कार में अचानक आग लग गई। हादसे में महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में उसका पति गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने महिला के अधजले शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
जानकारी के अनुसार, उसहैत निवासी अर्पित भारद्वाज अपनी पत्नी प्रिया भारद्वाज (27 वर्ष) का पथरी का ऑपरेशन कराकर लखनऊ से लौट रहे थे। रात करीब 1:30 बजे उनकी निजी कार उसहैत थाना के ग्राम रहौटा के पास पहुंची ही थी कि अचानक उससे धुआं उठने लगा। कुछ ही क्षणों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि अर्पित ने कार को सड़क के किनारे रोका और किसी तरह खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने पीछे की सीट पर सो रही पत्नी प्रिया को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग की तेज लपटों और धुएं के कारण वह कार के अंदर तक नहीं पहुंच सके। उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी जिंदा जलती रही। पत्नी को बचाने के प्रयास में अर्पित के हाथ और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। बताया जाता है कि घटना के बाद वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन समेत प्रिया के मायके वाले भी लखीमपुर खीरी से पहुंच गए। मौके पर पहुंचे तो अर्पित अचेत अवस्था में पड़े मिले। कार पूरी तरह जल चुकी थी।
सूचना पर उसहैत थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। वहीं घायल अर्पित को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बता दें कि अर्पित कादरचौक सीएचसी में ब्लॉक कोआर्डिनेटर है, जबकि उसकी पत्नी प्रिया एएनएम के पद पर तैनात थी।
सीओ उझानी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को अभी शिकायती पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल कार करीब 16 साल पुरानी थी। उसमें सीएनजी किट लगी थी।
मृतका के परिजनों ने उठाए मौत पर सवाल, लेकिन पुलिस से शिकायत नहीं की
- सीओ बोले- जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई
- मां की मौत से डेढ़ साल की मासूम की कैसे होगी देखरेख
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मृतका प्रिया का मायका गांव बल्लीपुर जिला लखीमपुर खीरी का है। शनिवार को मोर्चरी पहुंची उसकी बहन सोनम ने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे उनकी प्रिया से बात हुई थी। उसने बताया कि शाहजहांपुर पहुंची हूं। अभी-अभी हम दोनों ने खाना खाया है। फिर दो मिनट बाद फोन आया तो दीदी के चीखने की आवाज आई।
पीछे से जीजा ने कहा कि ब्रेकर पड़ गया था। इसके बाद देर रात फोन आया तो बताया कि बहन की मौत हो गई है। जीजा झुलस गए हैं। बहन ने कहा- जब वह तीन मंजिल से उतरकर नीचे आ सकती है तो आग लगने पर कार से क्यों नहीं निकल सकी। मृतका के परिजनों ने यह भी कहा कि इन दोनों में पहले मारपीट भी होती रही है।
बताया वर्ष 2024 में शादी हुई थी। एक डेढ़ साल की बेटी है, जो दो दिन से दादा-दादी के पास है। सोनम ने बताया कि प्रिया लखनऊ में ऑपरेशन कराकर लौट रही थी। परिवार का कहना है कि उनको न्याय मिले बस और कोई आरोप नहीं है। सोनम ने कहा कि बहन ने बताया था कि वह अलग कमरा लेकर रहेगी, नहीं तो किसी दिन डिप्रेशन में चली जाएगी। मायके में मां सुमन, भाई पकंज, नीरज व बहन सोनम हर कोई इस घटना के बाद से दुखी है।
अर्पित ब्लॉक कोआर्डिनेटर तो प्रिया थी एएनएम
पति-पत्नी दोनों स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। अर्पित भारद्वाज जहां कादरचौक सीचएसी में ब्लॉक कोआर्डिनेटर के पद पर है, तो वहीं प्रिया भमौरा जिला बरेली में एएनएम के पद पर कार्यरत थी। इन दोनों ने अभी कुछ दिन पहले ही बदायूं शहर में एक मकान भी खरीदा था।
ढाई साल पहले हुई थी दोनों की शादी
बताया जाता है कि अर्पित और प्रिया की शादी करीब ढाई वर्ष पूर्व हुई थी और उनकी डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची है, जो घटना के समय अपने दादा-दादी के पास उसहैत में ही थी। मासूम को अभी इस बात का एहसास भी नहीं है कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
लखनऊ में प्रिया का हुआ था पथरी का ऑपरेशन
मृतका प्रिया का बीते चार दिन पहले लखनऊ के एक अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। चार दिन से यह दंपती वहीं था। इसके बाद शुक्रवार रात पति, पत्नी कार से लौट रहे थे। इनकी डेढ़ साल की बेटी अर्पित के माता-पिता के पास थी।
उसहैत गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
कार में लगी आग से प्रिया का पूरा शरीर जल गया था। शरीर के कुछ अवशेष ही बचे, जिनका पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शनिवार शाम गंगाघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के मायके व ससुराल पक्ष के बीच आपसी बातचीत भी चल रही है। यदि बात नहीं बनेगी तो इसमें पुलिस केस का भी मामला सामने आ सकता है।
अब तक महिला के मायके पक्ष की तरफ से पुलिस को कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, यह अचानक कार में आग लगने से हुआ हादसा लग रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई उसहैत पुलिस के स्तर से की जाएगी। - सुनील कुमार सिंह, सीओ उझानी
प्रिया के नाम संपत्ति को लेकर उठे सवाल
बदायूं। कार में आग लगने से महिला की मौत के मामले में अब संपत्ति विवाद की बात सामने आ रही है। मृतक प्रिया के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके नाम दर्ज संपत्ति को लेकर ही साजिश रची गई।
परिजनों का कहना है कि पति अर्पित की नजर प्रिया की संपत्ति और नकदी पर थी। इसी कारण उसने अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने की भी योजना बनाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मकसद से प्रिया की हत्या का षड्यंत्र रचा गया।
घटना के बाद से अर्पित के बयान भी संदेह के घेरे में हैं। परिजनों के अनुसार, वह पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहा। सवाल पूछने पर चुप हो जाता है। अस्पताल में भी वह घटना को लेकर कुछ बोलने से बचता रहा। घटनाक्रम को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। अर्पित का कहना है कि आग लगने पर वह कार से बाहर निकल आया, लेकिन जब प्रिया को निकालने की कोशिश की गई तो कार के सभी दरवाजे लॉक हो गए। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि यदि शॉर्ट सर्किट से दरवाजे लॉक हुए, तो वह खुद बाहर कैसे निकल गया। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर दमकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। कार की पिछली सीट पर प्रिया का शव पड़ा था। संवाद
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जानकारी के अनुसार, उसहैत निवासी अर्पित भारद्वाज अपनी पत्नी प्रिया भारद्वाज (27 वर्ष) का पथरी का ऑपरेशन कराकर लखनऊ से लौट रहे थे। रात करीब 1:30 बजे उनकी निजी कार उसहैत थाना के ग्राम रहौटा के पास पहुंची ही थी कि अचानक उससे धुआं उठने लगा। कुछ ही क्षणों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
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बताया जा रहा है कि अर्पित ने कार को सड़क के किनारे रोका और किसी तरह खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने पीछे की सीट पर सो रही पत्नी प्रिया को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग की तेज लपटों और धुएं के कारण वह कार के अंदर तक नहीं पहुंच सके। उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी जिंदा जलती रही। पत्नी को बचाने के प्रयास में अर्पित के हाथ और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। बताया जाता है कि घटना के बाद वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन समेत प्रिया के मायके वाले भी लखीमपुर खीरी से पहुंच गए। मौके पर पहुंचे तो अर्पित अचेत अवस्था में पड़े मिले। कार पूरी तरह जल चुकी थी।
सूचना पर उसहैत थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। वहीं घायल अर्पित को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बता दें कि अर्पित कादरचौक सीएचसी में ब्लॉक कोआर्डिनेटर है, जबकि उसकी पत्नी प्रिया एएनएम के पद पर तैनात थी।
सीओ उझानी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को अभी शिकायती पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल कार करीब 16 साल पुरानी थी। उसमें सीएनजी किट लगी थी।
मृतका के परिजनों ने उठाए मौत पर सवाल, लेकिन पुलिस से शिकायत नहीं की
- सीओ बोले- जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई
- मां की मौत से डेढ़ साल की मासूम की कैसे होगी देखरेख
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मृतका प्रिया का मायका गांव बल्लीपुर जिला लखीमपुर खीरी का है। शनिवार को मोर्चरी पहुंची उसकी बहन सोनम ने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे उनकी प्रिया से बात हुई थी। उसने बताया कि शाहजहांपुर पहुंची हूं। अभी-अभी हम दोनों ने खाना खाया है। फिर दो मिनट बाद फोन आया तो दीदी के चीखने की आवाज आई।
पीछे से जीजा ने कहा कि ब्रेकर पड़ गया था। इसके बाद देर रात फोन आया तो बताया कि बहन की मौत हो गई है। जीजा झुलस गए हैं। बहन ने कहा- जब वह तीन मंजिल से उतरकर नीचे आ सकती है तो आग लगने पर कार से क्यों नहीं निकल सकी। मृतका के परिजनों ने यह भी कहा कि इन दोनों में पहले मारपीट भी होती रही है।
बताया वर्ष 2024 में शादी हुई थी। एक डेढ़ साल की बेटी है, जो दो दिन से दादा-दादी के पास है। सोनम ने बताया कि प्रिया लखनऊ में ऑपरेशन कराकर लौट रही थी। परिवार का कहना है कि उनको न्याय मिले बस और कोई आरोप नहीं है। सोनम ने कहा कि बहन ने बताया था कि वह अलग कमरा लेकर रहेगी, नहीं तो किसी दिन डिप्रेशन में चली जाएगी। मायके में मां सुमन, भाई पकंज, नीरज व बहन सोनम हर कोई इस घटना के बाद से दुखी है।
अर्पित ब्लॉक कोआर्डिनेटर तो प्रिया थी एएनएम
पति-पत्नी दोनों स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। अर्पित भारद्वाज जहां कादरचौक सीचएसी में ब्लॉक कोआर्डिनेटर के पद पर है, तो वहीं प्रिया भमौरा जिला बरेली में एएनएम के पद पर कार्यरत थी। इन दोनों ने अभी कुछ दिन पहले ही बदायूं शहर में एक मकान भी खरीदा था।
ढाई साल पहले हुई थी दोनों की शादी
बताया जाता है कि अर्पित और प्रिया की शादी करीब ढाई वर्ष पूर्व हुई थी और उनकी डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची है, जो घटना के समय अपने दादा-दादी के पास उसहैत में ही थी। मासूम को अभी इस बात का एहसास भी नहीं है कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
लखनऊ में प्रिया का हुआ था पथरी का ऑपरेशन
मृतका प्रिया का बीते चार दिन पहले लखनऊ के एक अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। चार दिन से यह दंपती वहीं था। इसके बाद शुक्रवार रात पति, पत्नी कार से लौट रहे थे। इनकी डेढ़ साल की बेटी अर्पित के माता-पिता के पास थी।
उसहैत गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
कार में लगी आग से प्रिया का पूरा शरीर जल गया था। शरीर के कुछ अवशेष ही बचे, जिनका पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शनिवार शाम गंगाघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के मायके व ससुराल पक्ष के बीच आपसी बातचीत भी चल रही है। यदि बात नहीं बनेगी तो इसमें पुलिस केस का भी मामला सामने आ सकता है।
अब तक महिला के मायके पक्ष की तरफ से पुलिस को कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, यह अचानक कार में आग लगने से हुआ हादसा लग रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई उसहैत पुलिस के स्तर से की जाएगी। - सुनील कुमार सिंह, सीओ उझानी
प्रिया के नाम संपत्ति को लेकर उठे सवाल
बदायूं। कार में आग लगने से महिला की मौत के मामले में अब संपत्ति विवाद की बात सामने आ रही है। मृतक प्रिया के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके नाम दर्ज संपत्ति को लेकर ही साजिश रची गई।
परिजनों का कहना है कि पति अर्पित की नजर प्रिया की संपत्ति और नकदी पर थी। इसी कारण उसने अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने की भी योजना बनाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मकसद से प्रिया की हत्या का षड्यंत्र रचा गया।
घटना के बाद से अर्पित के बयान भी संदेह के घेरे में हैं। परिजनों के अनुसार, वह पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहा। सवाल पूछने पर चुप हो जाता है। अस्पताल में भी वह घटना को लेकर कुछ बोलने से बचता रहा। घटनाक्रम को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। अर्पित का कहना है कि आग लगने पर वह कार से बाहर निकल आया, लेकिन जब प्रिया को निकालने की कोशिश की गई तो कार के सभी दरवाजे लॉक हो गए। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि यदि शॉर्ट सर्किट से दरवाजे लॉक हुए, तो वह खुद बाहर कैसे निकल गया। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर दमकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। कार की पिछली सीट पर प्रिया का शव पड़ा था। संवाद

अर्पित भारद्वाज अपनी पत्नी प्रिया भारद्वाज व बेटी के साथ। फाइल फोटो- फोटो : 1

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