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Budaun News: मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए चिकित्सकों को दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:52 PM IST
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बदायूं। जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न ब्लॉक व नगरीय क्षेत्रों से आए 34 चिकित्सकों और मेडिकल अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन आरसीएच के नोडल अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की एक, नौ, 16 और 24 को उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है। इन महिलाओं की पहचान एएनएम की ओर से की जाती है। पहचान होने के बाद उनको ब्लॉक एवं जिला स्तरीय चिकित्सालयों में उनकी विस्तृत व जांच कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम कद, 35 किलोग्राम से कम वजन या 18 वर्ष से कम ए 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को समय रहते बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। डॉ. राजवीर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च जोखिम मामलों की समय पर पहचान है। साथ ही उचित प्रबंधन के लिए तैयार करना रहा, ताकि जनपद में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा सके।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन आरसीएच के नोडल अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की एक, नौ, 16 और 24 को उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है। इन महिलाओं की पहचान एएनएम की ओर से की जाती है। पहचान होने के बाद उनको ब्लॉक एवं जिला स्तरीय चिकित्सालयों में उनकी विस्तृत व जांच कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम कद, 35 किलोग्राम से कम वजन या 18 वर्ष से कम ए 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को समय रहते बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। डॉ. राजवीर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च जोखिम मामलों की समय पर पहचान है। साथ ही उचित प्रबंधन के लिए तैयार करना रहा, ताकि जनपद में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा सके।
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