बदायूं में टला बड़ा हादसा: प्राथमिक स्कूल लभारी में खाना बनाते समय लगी आग, मौजूद थे 61 छात्र; उपकरण नहीं चले
लभारी प्राथमिक स्कूल में खाना बनाते समय सिलिंडर में आग लग गई। बच्चों को सुरक्षित निकाला गया। आग बुझाने के उपकरण खराब मिले, प्रधानाचार्य अनुपस्थित थीं। पुलिस ने एक घंटे में आग पर काबू पाया है।
विस्तार
बदायूं के कादरचौक क्षेत्र के गांव लभारी के प्राथमिक स्कूल में छात्रों का खाना बनाते समय अचानक सिलिंडर में आग लग गई। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ ने गांव वालों की मदद से बच्चों को सकुशल स्कूल से बाहर निकाला। आग बुझाने के उपकरण शोपीस मिले। सिलिंडरों पर जंग आ रही थी। किसी को चलाना भी नहीं आया। पुलिस ने जब उनको चलाया तो सब खराब मिले।
प्राथमिक स्कूल लभारी में 280 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शुक्रवार को 61 छात्र स्कूल पहुंचे। हादसा उस समय हुआ जिस समय छात्रों को खिलाने के लिए खाना बनाने के लिए रसोईया रसोई घर में काम कर रहीं थीं। अचानक सिलिंडर ने आग पकड़ ली। आग लगने के बाद भगदड़ मच गई। छात्र-छात्राएं चीखने लगीं। आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर आ गए। आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। किसी ने थाना पुलिस को हादसे की सूचना दे दी, जिसपर पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
प्रधानाचार्य थीं नदारद
स्कूल में सात का स्टाफ है। अध्यापक व शिक्षमित्र सभी स्कूल में मौजूद थे लेकिन प्रधानाचार्य 11 बजे तक स्कूल नहीं पहुंच सकी थीं। करीब 11 बजे आग लगने की सूचना लोगों ने उनको दी तो बताया कि वह मीटिंग में गईं हैं।
क्यों चेक नहीं किए जाते हैं फायर सिलिंडर
आग बुझाने के उपकरण स्कूल आदि स्थानों पर इसलिए ही लगाए जाते हैं, जिससे समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। लेकिन स्कूल में आग लगने के बाद जब सिलिंडरों को देखा गया तो उन पर जंग आ रही थी।
टल गया बड़ा हादसा
लोगों की सूझबूझ से भले ही बड़ा हादसा टल गया हो लेकिन सुरक्षा के इंतजामों ने शिक्षा विभाग की पोल खोल दी है। अगर स्कूल में फायर सिलिंडरों की देखरेख ही नहीं जा रही थी तो अन्य व्यवस्थाओं को कैसे अध्यापक व जिम्मेदार संभाल रहे होंगे।
जानकारी मिली है खाना बनाते समय सिलिंडर में आग लग गई थी। आग बुझाने के उपकरण खराब मिले है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
