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Bulandshahar News: छात्रा हादसा मुख्य खबर...चार दिन 15 किलोमीटर सर्च, हर आंख को एक ही तलाश...कहां मिलेगी चारू
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मोहल्ला साठा में नाले के पास भरे पानी में छात्रा चारू की तलाश करते कर्मचारी। संवाद
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बुलंदशहर। चार दिन बीत गए, नाले छान लिए, काली नदी की तलहटी देख ली, दलदल में घंटों खोज हुई। एनडीआरएफ ने 10 किलोमीटर और गोताखोरों ने पांच किलोमीटर तक भटके, पूरे 15 किलोमीटर के सर्च अभियान के बाद भी हर आंख को अभी भी एक ही तलाश है...कहां मिलेगी चारू। शुक्रवार को एनडीआरएफ, गोताखोर, पुलिस, नगर पालिका समेत अन्य विभागों की टीमों के 250 से अधिक कर्मचारी अधिकारी लगातार सर्च अभियान में जुटे रहे लेकिन चारू का पता नहीं चल सका। खाली पड़े बड़े प्लॉटों में भी सफाई कर्मचारियों ने सर्च अभियान चलाया।
लगातार चौथे दिन शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट और आधुनिक उपकरणों की मदद से काली नदी में करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया। बृहस्पतिवार को जहां सर्च अभियान बंद किया गया था, उससे आगे चावली, नीमखेड़ा, अच्छेजा से आगे तक अभियान चलाया गया। दोपहर करीब 12 बजे बागपत से पहुंचे छह गोताखोरों ने भी अभियान की कमान संभाली और नाला गिरने वाले स्थान से करीब पांच किलोमीटर तक नदी में पानी के भीतर खोजबीन की। इसके साथ ही काली नदी के किनारे बने दलदली क्षेत्रों में भी नगर पालिका कर्मचारियों ने घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन चारू का कोई पता नहीं चल सका। नगर के भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित सुशीला पब्लिक स्कूल से घर लौट रही कक्षा चार की छात्रा मंगलवार को बारिश के दौरान नाले में बह गई थी। इसके बाद पीड़ित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि मामले में शासन ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका के दो सफाई इंस्पेक्टर और दो जेई को निलंबित कर दिया था।
घर से घटना स्थल और फिर सर्च अभियान तक दौड़ता रहा पिता
शुक्रवार की सुबह छह बजे से चारू के पिता रिंकू अपने कुछ साथियों के साथ नाले और काली नदी की तरफ बेटी को तलाश करने के लिए पहुंच गए। उसके कुछ देर बाद सर्च टीम ने तलाश अभियान शुरू कर दिया। वह पूरे दिन कभी घर तो कभी घटना स्थल तो कभी सर्च अभियान वाले स्थानों पर पहुंचते रहे। काली नदी पर वह चलने के दौरान गिर गए और हल्के घायल भी हो गए। उनके पैर में चोट आई है। रिंकू ने बताया कि कभी घर से फोन आता है कि कोई मिलने आ गया है तो कभी सर्च स्थल से फोन आ जाता है। उन्होंने कहा कि बस कैसे ही उनकी बेटी मिल जाए।
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खाली प्लॉटों में सर्च अभियान
टीमों ने मुख्य नाले और काली नदी के बाद अब नाले और नदी के किनारे खाली पड़े बड़े प्लॉटों में अभियान चलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने खाली प्लॉटों में अभियान चलाया। सफाई कर्मचारियों ने बताया कि इन प्लॉटों में पानी के साथ काफी दलदल भी है, कहीं ऐसा न हो चारू इधर ही बह कर आ गई हो। साथ ही जलकुंभी भी काट दिया गया है, जिससे चारू का पता चल सके।
हर मिनट के साथ बढ़ रही बेचैनी
चारू के घर का माहौल लगातार गमगीन बना हुआ है। हर गुजरते मिनट के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों का लगातार घर पर आना-जाना लगा रहा। सभी परिजनों को ढाढ़स बंधाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मां-पिता की निगाहें अब भी बेटी के लौटने की आस में टिकी हैं।
पालिकाध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों को बंधाया ढाढ़स
नगर पालिका पालिकाध्यक्ष दीप्ति मित्तल दोपहर करीब एक बजे चारू कश्यप के घर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने चारू की मां ज्ञानवती से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि चारू को तलाशने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी और के साथ हादसा न हो, इसके लिए भी सख्त नियम बनाते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान पीड़ित परिजनों ने मांग की कि जल्द से जल्द चारू को तलाश कराया जाए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन नीतीश कुमार का कहना है कि बच्ची की तलाश के लिए काली नदी में दायरा बढ़ाया गया है, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। गोताखोर भी बच्ची को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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लगातार चौथे दिन शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट और आधुनिक उपकरणों की मदद से काली नदी में करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया। बृहस्पतिवार को जहां सर्च अभियान बंद किया गया था, उससे आगे चावली, नीमखेड़ा, अच्छेजा से आगे तक अभियान चलाया गया। दोपहर करीब 12 बजे बागपत से पहुंचे छह गोताखोरों ने भी अभियान की कमान संभाली और नाला गिरने वाले स्थान से करीब पांच किलोमीटर तक नदी में पानी के भीतर खोजबीन की। इसके साथ ही काली नदी के किनारे बने दलदली क्षेत्रों में भी नगर पालिका कर्मचारियों ने घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन चारू का कोई पता नहीं चल सका। नगर के भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित सुशीला पब्लिक स्कूल से घर लौट रही कक्षा चार की छात्रा मंगलवार को बारिश के दौरान नाले में बह गई थी। इसके बाद पीड़ित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि मामले में शासन ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका के दो सफाई इंस्पेक्टर और दो जेई को निलंबित कर दिया था।
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घर से घटना स्थल और फिर सर्च अभियान तक दौड़ता रहा पिता
शुक्रवार की सुबह छह बजे से चारू के पिता रिंकू अपने कुछ साथियों के साथ नाले और काली नदी की तरफ बेटी को तलाश करने के लिए पहुंच गए। उसके कुछ देर बाद सर्च टीम ने तलाश अभियान शुरू कर दिया। वह पूरे दिन कभी घर तो कभी घटना स्थल तो कभी सर्च अभियान वाले स्थानों पर पहुंचते रहे। काली नदी पर वह चलने के दौरान गिर गए और हल्के घायल भी हो गए। उनके पैर में चोट आई है। रिंकू ने बताया कि कभी घर से फोन आता है कि कोई मिलने आ गया है तो कभी सर्च स्थल से फोन आ जाता है। उन्होंने कहा कि बस कैसे ही उनकी बेटी मिल जाए।
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खाली प्लॉटों में सर्च अभियान
टीमों ने मुख्य नाले और काली नदी के बाद अब नाले और नदी के किनारे खाली पड़े बड़े प्लॉटों में अभियान चलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने खाली प्लॉटों में अभियान चलाया। सफाई कर्मचारियों ने बताया कि इन प्लॉटों में पानी के साथ काफी दलदल भी है, कहीं ऐसा न हो चारू इधर ही बह कर आ गई हो। साथ ही जलकुंभी भी काट दिया गया है, जिससे चारू का पता चल सके।
हर मिनट के साथ बढ़ रही बेचैनी
चारू के घर का माहौल लगातार गमगीन बना हुआ है। हर गुजरते मिनट के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों का लगातार घर पर आना-जाना लगा रहा। सभी परिजनों को ढाढ़स बंधाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मां-पिता की निगाहें अब भी बेटी के लौटने की आस में टिकी हैं।
पालिकाध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों को बंधाया ढाढ़स
नगर पालिका पालिकाध्यक्ष दीप्ति मित्तल दोपहर करीब एक बजे चारू कश्यप के घर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने चारू की मां ज्ञानवती से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि चारू को तलाशने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी और के साथ हादसा न हो, इसके लिए भी सख्त नियम बनाते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान पीड़ित परिजनों ने मांग की कि जल्द से जल्द चारू को तलाश कराया जाए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन नीतीश कुमार का कहना है कि बच्ची की तलाश के लिए काली नदी में दायरा बढ़ाया गया है, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। गोताखोर भी बच्ची को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।