अनूपशहर/अहार/नरौरा। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के मीडियम फ्लड की श्रेणी में पहुंचते ही अनूपशहर के सभी प्रमुख घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं। खादर से पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते किसानों को फसलों व चारे की चिंता सताने लगी है। बढ़ते खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है।
ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता अमित किशोर ने बताया कि बिजनौर बैराज से 1,90,299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा मीडियम फ्लड के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, नरौरा बैराज से भी 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से अनूपशहर के लाल महादेव और बबस्टर गंज घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। जाह्नवीद्वार और मस्तराम घाट के प्लेटफॉर्म पर पानी बह रहा है। गंगा खादर के रूढ़, शेरपुर, बच्चीखेड़ा, तोरई, सिरौरा, हसनपुर, मुबारिकपुर और अहार गांवों के जंगलों तक पानी फैल गया है। पानी अब गन्ना, ज्वार, बाजरा और मक्का के खेतों में घुसने लगा है। गंगा पुल रेती डूबने और जंगलों में पानी भरने से पशुपालकों के सामने चारा और मवेशियों को चराने का गंभीर संकट पैदा हो गया है। हालांकि, फिलहाल फसलों और आबादी को नुकसान की खबर नहीं है। उप जिलाधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने खादर क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अनूपशहर तहसील मुख्यालय पर बाढ़ कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया है। इसका मोबाइल नंबर 7088352320 है। प्रशासन ने पशुपालकों को सुरक्षा के लिहाज से गंगा किनारे और खादर के जंगलों की तरफ न जाने की चेतावनी दी है। गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज पर लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में लगातार पानी की निकासी की जा रही थी। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।