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Chandauli News: चिरईगांव में मनाई गई चंद्रशेखर आजाद की जयंती
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चिरईगांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे। संवाद
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कंदवा। क्षेत्र के चिरईगांव स्थित आजाद शिक्षण केंद्र में बृहस्पतिवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस दौरान बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि वैज्ञानिक हीरा सिंह ने कहा कि गौरवशाली परंपराओं से ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने छोटी उम्र में ही भारत माता को आजाद कराने का संकल्प लिया था और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऐसे वीर सपूत युगों तक प्रेरणा के स्रोत बने रहते हैं। विशिष्ट अतिथि रामपुर इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य शिवबच्चन सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा धर्म राष्ट्रधर्म और सबसे बड़ा पाप राष्ट्रद्रोह है। ऐसे अमर सपूत की प्रतिमा पर माल्यार्पण क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य कैलाश सिंह ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद का अहम स्थान है। आजाद ने राष्ट्रप्रेम का जो आदर्श प्रस्तुत किया, वह अनुकरणीय है। कहा कि युवा पीढ़ी इस अमर बलिदानी के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेगी। इस दौरान चौकी प्रभारी रामपुर विजय राय, सुमंत सिंह अन्ना, कलिंदर सिंह, संतोष पांडेय, हृदय नारायण सिंह, अंगद यादव, योगेंद्र सिंह, संत विलास सिंह, रामप्रवेश सिंह, सतीश सिंह, जवाहर यादव आदि रहे। अध्यक्षता हरिद्वार सिंह और संचालन विनोद गुप्ता ने किया।
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मुख्य अतिथि वैज्ञानिक हीरा सिंह ने कहा कि गौरवशाली परंपराओं से ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने छोटी उम्र में ही भारत माता को आजाद कराने का संकल्प लिया था और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऐसे वीर सपूत युगों तक प्रेरणा के स्रोत बने रहते हैं। विशिष्ट अतिथि रामपुर इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य शिवबच्चन सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा धर्म राष्ट्रधर्म और सबसे बड़ा पाप राष्ट्रद्रोह है। ऐसे अमर सपूत की प्रतिमा पर माल्यार्पण क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
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विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य कैलाश सिंह ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद का अहम स्थान है। आजाद ने राष्ट्रप्रेम का जो आदर्श प्रस्तुत किया, वह अनुकरणीय है। कहा कि युवा पीढ़ी इस अमर बलिदानी के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेगी। इस दौरान चौकी प्रभारी रामपुर विजय राय, सुमंत सिंह अन्ना, कलिंदर सिंह, संतोष पांडेय, हृदय नारायण सिंह, अंगद यादव, योगेंद्र सिंह, संत विलास सिंह, रामप्रवेश सिंह, सतीश सिंह, जवाहर यादव आदि रहे। अध्यक्षता हरिद्वार सिंह और संचालन विनोद गुप्ता ने किया।
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