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Chandauli News: मानदेय के लिए वित्तविहीन शिक्षकों ने बुलंद की आवाज
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चंदौली। नियमित मानदेय, सेवा सुरक्षा और वित्तविहीन विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले शिक्षक और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय मांगपत्र एडीएम रतन वर्मा को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी कई दशकों से बिना नियमित वेतन के शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर 1986 को जारी अध्यादेश में वित्तविहीन व्यवस्था को केवल दो वर्षों के लिए प्रयोगात्मक बताया गया था, लेकिन लगभग चार दशक बाद भी यह व्यवस्था समाप्त नहीं हुई। इससे हजारों शिक्षक आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।
प्रदर्शन में जियारत हुसैन, कृष्णमोहन यादव, बनवारी पांडेय, शशिधर चौबे, श्रीनिवास पांडेय, रामनिवास उपाध्याय, आजाद यादव, राजीव यादव, संतोष कुमार गुप्ता, धनंजय कुमार उपाध्याय, सत्यनारायण सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी कई दशकों से बिना नियमित वेतन के शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर 1986 को जारी अध्यादेश में वित्तविहीन व्यवस्था को केवल दो वर्षों के लिए प्रयोगात्मक बताया गया था, लेकिन लगभग चार दशक बाद भी यह व्यवस्था समाप्त नहीं हुई। इससे हजारों शिक्षक आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।
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प्रदर्शन में जियारत हुसैन, कृष्णमोहन यादव, बनवारी पांडेय, शशिधर चौबे, श्रीनिवास पांडेय, रामनिवास उपाध्याय, आजाद यादव, राजीव यादव, संतोष कुमार गुप्ता, धनंजय कुमार उपाध्याय, सत्यनारायण सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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