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Chandauli News: एक साल में 1.15 करोड़ की शराब बरामद, 743 तस्कर गिरफ्तार, सभी बिहार के
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पीडीडीयू नगर। डेढ़ साल पहले चलती ट्रेन में आरपीएफ के दो जवानों की हत्या के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां शराब की तस्करी रोकने में विफल साबित हुई हैं। ट्रेनों से शराब तस्करी धड़ल्ले से हो रही है।
पीडीडीयू मंडल में पिछले एक साल में शराब तस्करी के 743 आरोपी पकड़े गए हैं। इनके पास से 1.15 करोड़ रुपये की 15,383 लीटर शराब बरामद हुई है। सभी तस्कर बिहार के रहने वाले हैं।
बिहार में शराब बंदी के बावजूद बड़े पैमाने पर शराब खरीदी और बेची जा रही है। इसके लिए जमकर शराब की तस्करी की जा रही है। यूपी के सीमावर्ती जिलों से तस्कर शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे हैं।
सड़क मार्ग के साथ ट्रेनों से भी शराब की तस्करी हो रही है। 19 अगस्त 2024 को पं दीनदयाल उपाध्याय से मोकामा जाते समय बारमेड़ गुवाहाटी एक्सप्रेस में आरपीएफ के दो जवानों की शराब तस्करों ने पीट कर हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद भी आरपीएफ और जीआरपी तस्करी पर रोक नहीं लगा सकी। युवाओं, महिलाओं के सहारे तस्करी कराई जा रही है। अब छोटे स्टेशनों और यार्ड में शराब की खेप के साथ आरोपी ट्रेनों में सवार होते हैं। जिला वहीं, जिला पुलिस की मदद से आरपीएफ अभियान चला रही है।
पिछले एक साल में पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के साथ चंदौली मझवार, सैयदराजा और बिहार के स्टेशनों के अलावा ट्रेनों से बड़े पैमाने पर शराब बरामद की गई है। तस्कर भी गिरफ्तार किए गए हैं, जो बिहार के रहने वाले हैं।
गणतंत्र दिवस पर डीआरएम उदय सिंह मीना ने इसके आंकड़े साझा किए थे। उन्होंने बताया कि एक साल में पीडीडी मंडल में 743 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 1.15 करोड़ रुपये की 15,383 लीटर शराब बरामद की गई है। औसत देखें तो रोज दो तस्कर गिरफ्तार किए गए और उनके पास से 42 लीटर शराब बरामद हुई है। संवाद
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पीडीडीयू मंडल में पिछले एक साल में शराब तस्करी के 743 आरोपी पकड़े गए हैं। इनके पास से 1.15 करोड़ रुपये की 15,383 लीटर शराब बरामद हुई है। सभी तस्कर बिहार के रहने वाले हैं।
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बिहार में शराब बंदी के बावजूद बड़े पैमाने पर शराब खरीदी और बेची जा रही है। इसके लिए जमकर शराब की तस्करी की जा रही है। यूपी के सीमावर्ती जिलों से तस्कर शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे हैं।
सड़क मार्ग के साथ ट्रेनों से भी शराब की तस्करी हो रही है। 19 अगस्त 2024 को पं दीनदयाल उपाध्याय से मोकामा जाते समय बारमेड़ गुवाहाटी एक्सप्रेस में आरपीएफ के दो जवानों की शराब तस्करों ने पीट कर हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद भी आरपीएफ और जीआरपी तस्करी पर रोक नहीं लगा सकी। युवाओं, महिलाओं के सहारे तस्करी कराई जा रही है। अब छोटे स्टेशनों और यार्ड में शराब की खेप के साथ आरोपी ट्रेनों में सवार होते हैं। जिला वहीं, जिला पुलिस की मदद से आरपीएफ अभियान चला रही है।
पिछले एक साल में पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के साथ चंदौली मझवार, सैयदराजा और बिहार के स्टेशनों के अलावा ट्रेनों से बड़े पैमाने पर शराब बरामद की गई है। तस्कर भी गिरफ्तार किए गए हैं, जो बिहार के रहने वाले हैं।
गणतंत्र दिवस पर डीआरएम उदय सिंह मीना ने इसके आंकड़े साझा किए थे। उन्होंने बताया कि एक साल में पीडीडी मंडल में 743 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 1.15 करोड़ रुपये की 15,383 लीटर शराब बरामद की गई है। औसत देखें तो रोज दो तस्कर गिरफ्तार किए गए और उनके पास से 42 लीटर शराब बरामद हुई है। संवाद
