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अमिताभ ठाकुर प्रकरण : पुलिस पर रुपये हड़पने का आरोप मामले में सुनवाई टली
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:17 AM IST
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देवरिया। पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने पुलिस पर रुपये हड़पने, कोलगेट पेस्ट गायब होने और मोबाइल का लॉक तोड़ने का आरोप लगाया था। इस मामले में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई टल गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के कोर्ट में नहीं बैठने के चलते अब अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। इस मामले में एसआईटी ने भी अपना पक्ष कोर्ट में स्पष्ट किया है।
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के पैरवीकार रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के हरपुर गांव निवासी भीमसेन राव ने आरोप लगाते हुए कोर्ट में वाद दाखिल किया था कि अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के समय उनके पास 42 हजार रुपये थे, लेकिन सामान को अवमुक्त करते समय महज 7208 रुपये ही दिए गए। साथ ही उनके पास से बरामद किए गए एक मोबाइल फोन को वापस करते समय बिना पासवर्ड मिला। जबकि उनके दोनों फोन में पिन लॉक लगा हुआ था। साथ ही अमिताभ ठाकुर के पास बरामद किए गए कोलगेट टूथपेस्ट को भी नहीं लौटाया गया। यह कृत्य घोर लापरवाही है। भीमसेन राव ने पुलिस से इस प्रकरण में आख्या मांगने और उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध कोर्ट से किया है। भीमसेन राव के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अमिताभ ठाकुर के कोलगेट पेस्ट को नहीं लौटाना संदेह उत्पन्न करता है। पुलिस अमिताभ ठाकुर को पेस्ट की जगह कुछ और भरकर इस मामले में फंसा सकती है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि कम रुपये लौटाने, मोबाइल लॉक तोड़ने व कोलगेट पेस्ट गायब होने के मामले में सुनवाई टल गई है। अब 28 जनवरी को सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि सीजेएम के कोर्ट में नहीं बैठने के चलते अगली तारीख पड़ी है।
एसआईटी ने कोर्ट में दाखिल की अपनी आख्या
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी के समय बरामद रुपये, मोबाइल लॉक तोड़े जाने व कोलगेट पेस्ट गायब होने के मामले में एसआईटी लखनऊ के विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में अपनी आख्या प्रस्तुत कर दी है। इसमें विवेचक ने सभी आरोपों को नकार दिया है। साथ ही उनके पास से 7208 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद होने की बात कही है। मोबाइल से छेड़छाड़ के आरोपों को भी विवेचक ने नकार दिया है।
अमिताभ ठाकुर की वारंट बी के तहत 29 को लखनऊ कोर्ट में है पेशी
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की 29 जनवरी को लखनऊ कोर्ट में पेशी होनी है। इसके लिए लखनऊ सीजेएम ने वारंट बी जारी किया है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि वारंट बी को निरस्त कराने के लिए लखनऊ सीजेएम कोर्ट में बीते दिनों अपना पक्ष रखा गया। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला अभी तक सुरक्षित रखा हुआ है।
अमिताभ ठाकुर को जेल में हत्या की धमकी मामले की पुलिस से की शिकायत
देवरिया। जिला कारागार के हाई सिक्योरिटी बैरक में निरुद्ध पूर्व आईजी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को कंप्यूटर टाइप धमकी पत्र व पत्थर के माध्यम से दी गई हत्या की धमकी के मामले में सदर कोतवाली में शिकायत की गई है।स्वयं को आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बताने वाले और बुलंदशहर के ग्राम रघुनाथपुर, ब्लॉक ऊंचागांव, तहसील स्याना देवेंद्र सिंह राणा, पुत्र स्व. बृजपाल सिंह ने सदर कोतवाली में दिए अपने शिकायती पत्र में कहा है कि 16 जनवरी को देवरिया जिला कारागार के हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के कक्ष के ठीक बाहर एक कंप्यूटर से टाइप किया गया धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आपत्तिजनक एवं भय उत्पन्न करने वाले शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी गई थी। देवेंद्र सिंह राणा ने कहा है कि अमिताभ ठाकुर ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी। इसके बावजूद उन्हें न तो कोई ठोस सुरक्षा आश्वासन दिया गया और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई की जानकारी प्रदान की गई। परिणामस्वरूप उनकी जान को वास्तविक, तात्कालिक एवं गंभीर खतरा बना हुआ है। देवेंद्र का कहना है कि अमिताभ ठाकुर ने जेल में मिलने गए उनके अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी को यह जानकारी दी। इस दौरान अमिताभ ठाकुर भयभीत, मानसिक रूप से आहत एवं असुरक्षित अवस्था में मिले थे। उन्होंने इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के पैरवीकार रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के हरपुर गांव निवासी भीमसेन राव ने आरोप लगाते हुए कोर्ट में वाद दाखिल किया था कि अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के समय उनके पास 42 हजार रुपये थे, लेकिन सामान को अवमुक्त करते समय महज 7208 रुपये ही दिए गए। साथ ही उनके पास से बरामद किए गए एक मोबाइल फोन को वापस करते समय बिना पासवर्ड मिला। जबकि उनके दोनों फोन में पिन लॉक लगा हुआ था। साथ ही अमिताभ ठाकुर के पास बरामद किए गए कोलगेट टूथपेस्ट को भी नहीं लौटाया गया। यह कृत्य घोर लापरवाही है। भीमसेन राव ने पुलिस से इस प्रकरण में आख्या मांगने और उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध कोर्ट से किया है। भीमसेन राव के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अमिताभ ठाकुर के कोलगेट पेस्ट को नहीं लौटाना संदेह उत्पन्न करता है। पुलिस अमिताभ ठाकुर को पेस्ट की जगह कुछ और भरकर इस मामले में फंसा सकती है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि कम रुपये लौटाने, मोबाइल लॉक तोड़ने व कोलगेट पेस्ट गायब होने के मामले में सुनवाई टल गई है। अब 28 जनवरी को सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि सीजेएम के कोर्ट में नहीं बैठने के चलते अगली तारीख पड़ी है।
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एसआईटी ने कोर्ट में दाखिल की अपनी आख्या
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी के समय बरामद रुपये, मोबाइल लॉक तोड़े जाने व कोलगेट पेस्ट गायब होने के मामले में एसआईटी लखनऊ के विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में अपनी आख्या प्रस्तुत कर दी है। इसमें विवेचक ने सभी आरोपों को नकार दिया है। साथ ही उनके पास से 7208 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद होने की बात कही है। मोबाइल से छेड़छाड़ के आरोपों को भी विवेचक ने नकार दिया है।
अमिताभ ठाकुर की वारंट बी के तहत 29 को लखनऊ कोर्ट में है पेशी
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की 29 जनवरी को लखनऊ कोर्ट में पेशी होनी है। इसके लिए लखनऊ सीजेएम ने वारंट बी जारी किया है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि वारंट बी को निरस्त कराने के लिए लखनऊ सीजेएम कोर्ट में बीते दिनों अपना पक्ष रखा गया। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला अभी तक सुरक्षित रखा हुआ है।
अमिताभ ठाकुर को जेल में हत्या की धमकी मामले की पुलिस से की शिकायत
देवरिया। जिला कारागार के हाई सिक्योरिटी बैरक में निरुद्ध पूर्व आईजी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को कंप्यूटर टाइप धमकी पत्र व पत्थर के माध्यम से दी गई हत्या की धमकी के मामले में सदर कोतवाली में शिकायत की गई है।स्वयं को आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बताने वाले और बुलंदशहर के ग्राम रघुनाथपुर, ब्लॉक ऊंचागांव, तहसील स्याना देवेंद्र सिंह राणा, पुत्र स्व. बृजपाल सिंह ने सदर कोतवाली में दिए अपने शिकायती पत्र में कहा है कि 16 जनवरी को देवरिया जिला कारागार के हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के कक्ष के ठीक बाहर एक कंप्यूटर से टाइप किया गया धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आपत्तिजनक एवं भय उत्पन्न करने वाले शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी गई थी। देवेंद्र सिंह राणा ने कहा है कि अमिताभ ठाकुर ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी। इसके बावजूद उन्हें न तो कोई ठोस सुरक्षा आश्वासन दिया गया और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई की जानकारी प्रदान की गई। परिणामस्वरूप उनकी जान को वास्तविक, तात्कालिक एवं गंभीर खतरा बना हुआ है। देवेंद्र का कहना है कि अमिताभ ठाकुर ने जेल में मिलने गए उनके अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी को यह जानकारी दी। इस दौरान अमिताभ ठाकुर भयभीत, मानसिक रूप से आहत एवं असुरक्षित अवस्था में मिले थे। उन्होंने इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
